मदर ऑफ ऑल डील्स! भारत और यूरोपीय संघ की ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील तय होने के करीब

मदर ऑफ ऑल डील्स! भारत और यूरोपीय संघ की ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील तय होने के करीब

भारत और यूरोपीय संघ की फ्री ट्रेड डील जल्द तय होने वाली है। इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। डील से भारत को एक्सपोर्ट, निवेश और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जबकि यूरोप को रणनीतिक लाभ होगा।

Business: भारत और यूरोपीय संघ (European Union) के बीच लंबे समय से लंबित फ्री ट्रेड डील अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेन ने संकेत दिया कि यह समझौता लगभग तय है। इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। इस डील के लागू होने के बाद करीब 2 अरब लोगों का साझा बाजार तैयार होगा और यह दुनिया की लगभग एक चौथाई GDP को कवर करेगा।

डील से भारत को होगा सीधा फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता भारत के निर्यात, निवेश और रोजगार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था यूरोप के मजबूत बाजार से जुड़कर नए अवसर पैदा करेगी। एक्सपोर्टर्स को इससे बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि वैश्विक सप्लाई-चेन में बदलाव के कारण कई देशों में व्यापार मुश्किल हो गया था। भारत को इस डील के जरिए न सिर्फ यूरोप के बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, बल्कि नई तकनीक और निवेश भी आएगा।

यूरोप के लिए रणनीतिक बढ़त

यूरोप के लिए भी यह डील बहुत महत्वपूर्ण है। यूरोपीय यूनियन को एशिया में मजबूत रणनीतिक स्थिति मिलेगी। यूरोप और भारत के बीच व्यापारिक साझेदारी बढ़ने से आर्थिक निर्भरता के नए विकल्प खुलेंगे।

यूरोप को भारत की बड़ी आबादी और तेजी से बढ़ती मांग से फायदा मिलेगा। साथ ही यह डील अमेरिका को भी संदेश देने वाली है कि यूरोप और भारत अपनी आर्थिक साझेदारी मजबूत कर रहे हैं।

क्या कहा जा रहा है मदर ऑफ ऑल डील्स

इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह 2 अरब लोगों के साझा बाजार और वैश्विक GDP के करीब 25 प्रतिशत को कवर करता है। यह डील दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत को यूरोपीय संघ से जोड़कर वैश्विक व्यापार में नई दिशा तय कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई-चेन और निर्यात के लिहाज से यह डील वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

भारत निवेश के लिए आकर्षक स्थल

दावोस में यूरोपीय यूनियन की प्रेसिडेंट ने कहा कि भारत निवेश के लिए एक बहुत अच्छा डेस्टिनेशन है। यूरोपियन देशों को भारत में कई अवसर मिलेंगे और भारतीय बाजार से उन्हें फायदा होगा। भारत की 1.4 बिलियन आबादी और यूरोप की लगभग 600 मिलियन आबादी मिलकर 2 अरब लोगों का बड़ा बाजार बनाएगी। इससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।

डील से खुलेंगे नए बाजार

डील के लागू होने के बाद भारत यूरोप को कई चीजें एक्सपोर्ट कर सकेगा। इससे भारतीय व्यवसायियों को नए बाजार मिलेंगे और व्यापार में आसानी होगी। वहीं यूरोप के उत्पाद जैसे वाइन, ऑटोमोबाइल और तकनीकी वस्तुएं भारत में अधिक पहुंच पाएंगी। इससे दोनों तरफ व्यापारिक लेन-देन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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