मुंबई में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत: डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा का किया ऐलान

मुंबई में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत: डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा का किया ऐलान

Sunetra Pawar ने Mumbai में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री ने विधान परिषद में घोषणा करते हुए कहा कि शहर में महिला कर्मचारियों को ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ की सुविधा दी जाएगी।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए एक अहम कदम उठाते हुए नई सुविधा की घोषणा की है। राज्य की उप मुख्यमंत्री Sunetra Pawar ने मुंबई महानगर क्षेत्र में कार्यरत महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए “कम अर्ली–गो अर्ली” व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारियों को कार्यालय समय में अधिक लचीलापन मिलेगा और उन्हें यात्रा संबंधी कठिनाइयों से राहत मिलने की उम्मीद है।

यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर Mumbai में आयोजित विधान परिषद की विशेष चर्चा के दौरान की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।

महिला कर्मचारियों को मिलेगी 30 मिनट तक की छूट

नई व्यवस्था के अनुसार मुंबई महानगर क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच कार्यालय पहुंचकर अपने काम की शुरुआत कर सकेंगी। जितने मिनट वे सामान्य समय से पहले काम शुरू करेंगी, उतने ही मिनट उन्हें शाम को कार्यालय से पहले जाने की अनुमति दी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत महिला कर्मचारियों को अधिकतम 30 मिनट तक पहले कार्यालय से निकलने की छूट मिल सकती है। सरकार का मानना है कि इससे विशेष रूप से पीक आवर के दौरान होने वाली भीड़भाड़ और यात्रा संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।

मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में रोजाना लाखों लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। भीड़भाड़ के कारण महिलाओं को अक्सर यात्रा के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने कहा कि “कम अर्ली–गो अर्ली” व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं के कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है। इससे न केवल उनकी यात्रा आसान होगी, बल्कि उनके कामकाजी माहौल में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

विधान परिषद में चर्चा के दौरान सुनेत्रा पवार ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। उन्होंने सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए ऐसा सामाजिक वातावरण तैयार करना चाहती है, जहां उन्हें सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त हो सकें।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कई विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत जुलाई 2015 से फरवरी 2026 के बीच 14 अभियान चलाए गए, जिनके माध्यम से राज्यभर में 42,594 लापता बच्चों का पता लगाया गया।

इसके अलावा “ऑपरेशन शोध” अभियान के जरिए 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को खोजने में सफलता मिली है। यह अभियान विशेष रूप से लापता व्यक्तियों की खोज और पुनर्वास के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने कई संस्थागत व्यवस्थाएं भी बनाई हैं। महाराष्ट्र के सभी जिलों में “मिसिंग सेल” सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। 

इसके साथ ही महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य में 51 “भरोसा सेल” स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श और सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

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