दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की मौत पर मेघालय CM कॉनराड संगमा ने जताया दुख, सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत पर मेघालय CM कॉनराड संगमा ने चिंता जताई है, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने दिल्ली में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित हत्या पर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों और दिल्ली पुलिस से घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को दिल्ली में मणिपुर के 54 वर्षीय संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ कथित अत्याचार और असुरक्षा से जुड़े पुराने दर्द को फिर सामने ला दिया है। संगमा ने अधिकारियों और दिल्ली पुलिस से मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने घटना को बेहद परेशान करने वाला बताया और कहा कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह पर हुए हमले और उनकी दुखद मौत से वह व्यथित हैं। उन्होंने दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ होने वाली कथित घटनाओं को लेकर भी चिंता जाहिर की।

घर के बाहर शोर पर आपत्ति के बाद हमला

पुलिस के अनुसार, सेवानिवृत्त संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें दिल्ली के किलोकरी गांव में उनके घर के पास कथित तौर पर एक समूह ने हमला कर घायल कर दिया था।

पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, सिंह ने अपने घर के बाहर कथित तौर पर हो रहे शोर और परेशानी पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबा कर्मियों के एक समूह द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।

हमले के बाद सिंह को इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने सोमवार को दम तोड़ दिया।

पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है।

हत्या से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज

पुलिस ने मामले में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, मामले में सभी आरोपी, जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं, पकड़े जा चुके हैं।

हालांकि, जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था तथा आरोपियों में से प्रत्येक की कथित भूमिका क्या थी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घर के बाहर कथित शोर और विवाद किस तरह हिंसक घटना में बदला। इसके साथ ही घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि सिंह पर स्थानीय लोगों ने बुरी तरह हमला किया था। परिवार के अनुसार, घटना से संबंधित CCTV फुटेज पुलिस को मिल चुकी है।

परिवार ने अधिकारियों से न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। परिजनों ने इस घटना को पूर्वोत्तर भारत से आने वाले लोगों के सामने मौजूद कथित भेदभाव और असुरक्षा के व्यापक मुद्दे से भी जोड़कर देखा है।

हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज समेत मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

दिल्ली में निकाला गया कैंडल मार्च

सिंह की मौत के बाद दिल्ली में मणिपुर से जुड़े लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के लिए न्याय की मांग की और मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की।

कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने सिंह की मौत पर दुख जताया और परिवार के लिए न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कथित हमले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई रहा।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर भारत के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ कथित भेदभाव को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी जताई नाराजगी

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी संगीतकार की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए इसे कथित तौर पर ऐसी व्यापक संस्कृति का हिस्सा बताया जिसमें नियमों के उल्लंघन के बावजूद दंड का डर कम हो जाता है।

खेड़ा ने सार्वजनिक स्थानों पर शोर और उपद्रव से जुड़े नियमों को लगातार लागू नहीं किए जाने को लेकर सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने घटना को लेकर सरकार की भूमिका की आलोचना की।

हालांकि, यह राजनीतिक प्रतिक्रिया है और इसे पुलिस की जांच से सामने आए तथ्यों से अलग देखा जाना चाहिए। मामले में वास्तविक घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला पूर्वोत्तर भारत के लोगों की सुरक्षा और राष्ट्रीय राजधानी में उनके अनुभवों को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

संगमा ने विशेष रूप से दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ कथित अत्याचार की घटनाओं से जुड़े पुराने दर्द का उल्लेख किया। उनकी मांग है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

हालांकि, इस घटना को व्यापक सामाजिक मुद्दे से जोड़ने से पहले जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना महत्वपूर्ण है। फिलहाल पुलिस का ध्यान हमले की परिस्थितियों, आरोपी व्यक्तियों और उनकी व्यक्तिगत भूमिकाओं को स्थापित करने पर है।

पुलिस जांच में किन पहलुओं पर नजर

जांच एजेंसियां मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दे रही हैं। इनमें सिंह और कथित हमलावरों के बीच विवाद की शुरुआत, घर के बाहर मौजूद लोगों की भूमिका, हमले की परिस्थितियां और CCTV फुटेज प्रमुख हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी और किन परिस्थितियों में सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। चूंकि मामले में नाबालिग आरोपी भी शामिल बताए गए हैं, इसलिए उनकी भूमिका और उनके खिलाफ लागू कानूनी प्रावधान भी जांच का हिस्सा होंगे।

मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस ने बताया है कि सभी आरोपी हिरासत में लिए जा चुके हैं। अब जांच का अगला चरण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी स्थापित करना है।

चोंगथम विक्रम सिंह की मौत ने परिवार, मणिपुर से जुड़े समुदाय और पूर्वोत्तर भारत के लोगों के बीच चिंता पैदा की है। मेघालय के मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई की मांग के बीच अब मामले की जांच पर नजर बनी हुई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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