महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य, सरकार का नया आदेश

महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया है।100-दिवसीय अभियान में प्रशिक्षण व प्रमाणपत्र जरूरी होंगे सेवा सुधार हेतु।

महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी सीखना अनिवार्य करने का फैसला किया है। हालांकि लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं होंगे। 100-दिवसीय अभियान के तहत प्रशिक्षण और सत्यापन कर मराठी ज्ञान सुनिश्चित किया जाएगा।

Mumbai: ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य नीति महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग 1 मई से 15 अगस्त तक विशेष सत्यापन अभियान चलाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तत्काल लाइसेंस रद्द नहीं किए जाएंगे, बल्कि ड्राइवरों को प्रशिक्षण देकर भाषा सिखाई जाएगी। नियमों के पालन के लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा, जो आगे लाइसेंस नवीनीकरण में आवश्यक रहेगा।

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य, सरकार ने शुरू किया सत्यापन अभियान

मुंबई में महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने का निर्णय लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि, फिलहाल मराठी न जानने पर लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किए जाएंगे और मौजूदा लाइसेंस धारकों को राहत दी गई है। सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और भाषा दक्षता को बढ़ावा देना है।

राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि 1 मई से 15 अगस्त तक पूरे महाराष्ट्र में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चालकों को मराठी सीखने के लिए पर्याप्त अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नियमों का प्रभावी पालन हो सके।

प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र व्यवस्था पर जोर, आरटीओ में सुविधाएं उपलब्ध होंगी

सरकारी योजना के तहत राज्य के सभी 59 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में मराठी भाषा प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। जो चालक यह प्रशिक्षण पूरा करेंगे, उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिसे भविष्य में लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान अनिवार्य माना जाएगा।

परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान की निगरानी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त के नेतृत्व में की जाएगी। सरकार का फोकस चालकों की आजीविका प्रभावित करने के बजाय उन्हें भाषा दक्ष बनाने पर है, ताकि यात्रियों और चालकों के बीच संवाद बेहतर हो सके और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आए।

नियमों में संशोधन की तैयारी, अगस्त में आएगी रिपोर्ट

सरकार महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन के माध्यम से मराठी भाषा को औपचारिक रूप से अनिवार्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, मोटर कैब परमिट और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए मराठी का ज्ञान आवश्यक होगा।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन तत्काल लाइसेंस रद्द करने की नीति लागू नहीं होगी। 100 दिनों के इस अभियान के बाद 16 अगस्त को विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की नीति तय की जाएगी।

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