महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों से पहले AIMIM ने ठाणे और वसई-विरार के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया। पार्टी स्थानीय जुड़ाव और शहरी मुद्दों पर काम करने वाले नेताओं को मैदान में उतारकर अपनी राजनीति मजबूत कर रही है।
Mumbai: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दल अपनी रणनीति को जमीन पर उतारने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM ने ठाणे और वसई-विरार नगर निगम चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी का यह कदम शहरी स्थानीय निकायों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ठाणे और वसई-विरार पर AIMIM का फोकस
AIMIM की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए साफ किया कि पार्टी चरणबद्ध तरीके से नामों का ऐलान कर रही है। फिलहाल ठाणे शहर के मुंब्रा क्षेत्र से पांच उम्मीदवारों और वसई-विरार क्षेत्र से तीन उम्मीदवारों के नाम तय किए गए हैं। इन इलाकों में AIMIM का पहले से ही एक सीमित लेकिन सक्रिय जनाधार रहा है। पार्टी अब इसी आधार को विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
उम्मीदवारों के चयन में क्या है रणनीति
इम्तियाज जलील के मुताबिक AIMIM उम्मीदवारों के चयन में केवल राजनीतिक पहचान नहीं बल्कि स्थानीय जुड़ाव और सामाजिक सेवा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि घोषित सूची में अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग शामिल हैं। इनमें दो चिकित्सक भी हैं, जिन्हें पार्टी ने निकाय चुनाव के लिए टिकट दिया है। पार्टी का मानना है कि ऐसे उम्मीदवार जो अपने क्षेत्र की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझते हैं, वे नगर निगम में जनता की आवाज बेहतर तरीके से उठा सकते हैं।
स्थानीय जुड़ाव पर जोर
AIMIM नेतृत्व का कहना है कि पार्टी ऐसे लोगों को आगे लाना चाहती है, जिनका अपने इलाके से सीधा संबंध हो और जिन्होंने पहले किसी न किसी रूप में सार्वजनिक सेवा की हो। पार्टी को लगता है कि नगर निगम जैसे स्थानीय निकायों में काम करने के लिए यह सबसे जरूरी योग्यता है। इम्तियाज जलील ने कहा कि AIMIM केवल चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं उतार रही, बल्कि एक ऐसी टीम तैयार कर रही है जो शहरी मुद्दों पर गंभीरता से काम कर सके।
भिवंडी-निजामपुर को लेकर मंथन जारी
ठाणे और वसई-विरार के अलावा AIMIM की नजर भिवंडी-निजामपुर नगर निगम पर भी है। इम्तियाज जलील ने बताया कि भिवंडी-निजामपुर के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर चर्चा अंतिम चरण में है। जल्द ही वहां के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। भिवंडी क्षेत्र में AIMIM पहले भी चुनावी मैदान में उतर चुकी है और पार्टी को उम्मीद है कि इस बार प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
तलोजा में भी उतरेगी AIMIM
AIMIM की रणनीति केवल पारंपरिक इलाकों तक सीमित नहीं है। मुंबई महानगर क्षेत्र में शहरी स्थानीय निकायों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए पार्टी ने तलोजा में भी एक सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह फैसला साफ संकेत देता है कि AIMIM महाराष्ट्र में अपने राजनीतिक दायरे को धीरे-धीरे लेकिन लगातार फैलाना चाहती है।
चुनाव की तारीख और अहम डेडलाइन
महाराष्ट्र में ठाणे, वसई-विरार और भिवंडी-निजामपुर नगर निगमों समेत कुल 29 नगर निकायों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। मतगणना अगले दिन यानी 16 जनवरी को की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर तय की गई है। ऐसे में सभी दल तेजी से उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
पुणे में एनसीपी के भीतर नई सियासी तस्वीर
इधर महाराष्ट्र की राजनीति में एक और अहम घटनाक्रम सामने आया है। पुणे महानगरपालिका चुनावों के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट एक साथ आने का फैसला कर चुके हैं। एनसीपी शरदचंद्र पवार गुट के नेता रोहित पवार ने सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
अजित पवार और शरद पवार गुट की जुगलबंदी
पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों के लिए अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरदचंद्र पवार गुट के बीच गठबंधन तय हुआ है। इससे पहले रविवार को अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड चुनावों के लिए दोनों गुटों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। अब पुणे के लिए भी यही फार्मूला अपनाया गया है।











