भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला मध्यकालीन इतिहास के चर्चित शासक महमूद गजनवी से जुड़ा है।
नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के महमूद गजनवी को “भारतीय लुटेरा” बताए जाने वाले बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसका पूरा ईकोसिस्टम विदेशी हमलावरों का महिमामंडन करता है और हिंदू विरोधी आततायियों का गुणगान करता रहा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेतृत्व और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उन विचारों से सहमत हैं, जिनमें हिंदू मंदिरों को तोड़ने और हजारों लोगों की हत्या करने वाले क्रूर हमलावर को अलग दृष्टि से प्रस्तुत किया जा रहा है।
अंसारी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि इतिहास की पुस्तकों में महमूद गजनवी जैसे जिन लोगों को विदेशी हमलावर और लुटेरे कहा जाता है, वे वास्तव में “भारतीय लुटेरे” थे और बाहर से नहीं आए थे; उनके अनुसार राजनीतिक रूप से यह कहना आसान है कि उन्होंने विनाश किया, लेकिन वे सभी भारतीय संदर्भ में ही देखे जाने चाहिए।
हामिद अंसारी का बयान और विवाद की शुरुआत
हामिद अंसारी ने एक साक्षात्कार में कहा कि इतिहास की पुस्तकों में जिन शासकों को विदेशी आक्रमणकारी और लुटेरे बताया गया है, उनमें महमूद गजनवी भी शामिल हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि वे “भारतीय” थे और बाहर से नहीं आए थे। उनके अनुसार, राजनीतिक दृष्टि से यह कहना आसान है कि उन्होंने भारत को नष्ट किया, लेकिन इतिहास को केवल इसी नजरिए से देखना अधूरा है।
अंसारी के इस बयान को भाजपा ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाला बताया और इसे विदेशी आक्रमणकारियों का अप्रत्यक्ष महिमामंडन करार दिया।
भाजपा का तीखा प्रतिकार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि महमूद गजनवी जैसे आक्रमणकारियों को भारतीय बताना “बीमार मानसिकता” को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसका पूरा वैचारिक ढांचा उन शासकों का गुणगान करता है जिन्होंने हिंदू धार्मिक स्थलों को नष्ट किया और भारत को लूटा। त्रिवेदी ने इसे “तीन एम—मुगल, मैकाले और मार्क्स” की ऐतिहासिक सोच का परिणाम बताया।
भाजपा ने यह भी कहा कि जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटिश क्राउन के प्रतिनिधि थे, वैसे ही मुगल शासक विदेशी सत्ता के प्रतिनिधि थे। ऐसे में उन्हें भारतीय बताना इतिहास के साथ अन्याय है।

कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल
भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछे हैं। पार्टी ने पूछा कि क्या कांग्रेस ऐसे व्यक्ति के बारे में दिए गए बयान से सहमत है, जिस पर हिंदू मंदिरों को तोड़ने और हजारों लोगों की हत्या का आरोप है। भाजपा का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत करते हैं, बल्कि समाज में विभाजन भी बढ़ाते हैं।
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अंसारी के बयान का वीडियो साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस ईकोसिस्टम लगातार उन ऐतिहासिक पात्रों को सही ठहराने की कोशिश करता है, जिन्होंने हिंदुओं पर अत्याचार किए। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और औरंगजेब जैसे शासकों के कार्यों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर भारत विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।
भाजपा नेता सीआर केसवन ने कहा कि आठवीं सदी से लेकर मुगल काल तक हिंदू धार्मिक स्थलों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या नेहरू युग की कांग्रेस, जिसने कभी सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था, आज भी ऐसे बयानों से सहमत है जो उस क्रूरता को सामान्य बनाने की कोशिश करते हैं।
वहीं, प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को “आधुनिक इंडियन मुस्लिम लीग” बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी बाबर और औरंगजेब जैसे शासकों का महिमामंडन करती है।









