मिडिल ईस्ट तनाव पर नोरा फतेही ने जताई चिंता: 'आध्यात्मिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं, हम बस शांति चाहते हैं'

मिडिल ईस्ट तनाव पर नोरा फतेही ने जताई चिंता: 'आध्यात्मिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं, हम बस शांति चाहते हैं'

मध्य पूर्व (Middle East) में यूएस और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही ने अपनी चिंता व्यक्त की है। नोरा फतेही ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह इस लगातार बिगड़ती स्थिति से मानसिक और आध्यात्मिक रूप से थक चुकी हैं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: नोरा फतेही ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रही जंग का असर दुबई, कुवैत और अन्य मिडिल ईस्ट देशों पर भी पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने के लिए मिसाइलें दागी हैं। नोरा ज्यादातर समय दुबई में रहती हैं, जिससे उनके फैंस काफी चिंतित हो गए थे। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो जारी कर स्थिति स्पष्ट की। इसमें उन्होंने कहा कि वह सुरक्षित हैं और फिलहाल दुबई में नहीं हैं, ताकि प्रशंसकों को राहत मिल सके।

नोरा फतेही ने क्या कहा?

वीडियो में नोरा फतेही ने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और मिसाइल हमलों का असर उनके लिए चिंता का कारण बन गया है। उन्होंने कहा, 

'मुझे पता है कि हर दिन लोग डर के साथ जी रहे हैं कि कल क्या होगा। इस इलाके में जो दृश्य दिखाई दे रहे हैं, उन्हें देखकर मुझे बहुत बुरा लग रहा है। हम नहीं चाहते कि बेगुनाहों की जानें जाएं।'

नोरा ने अपने संदेश में यह भी बताया कि वह फिलहाल दुबई में नहीं हैं, लेकिन उनके चाहने वाले उनके लिए चिंतित हैं। उन्होंने फैंस को आश्वस्त किया कि वह सुरक्षित हैं।

लगातार बढ़ती अस्थिरता

नोरा फतेही ने अपने वीडियो में कहा कि इस क्षेत्र में साल दर साल लगातार उथल-पुथल और संघर्ष हो रहे हैं। उनका मानना है कि सामान्य लोग ही इन घटनाओं की कीमत चुकाते हैं। उन्होंने कहा, “साल दर साल एक के बाद एक लड़ाई, एक के बाद एक दुखद घटना। हमें प्रार्थना करने की जरूरत है। दुनिया में जो बाकी चीजें हो रही हैं, वे हमारे नियंत्रण में नहीं हैं। यह बहुत बुरा है।”

उन्होंने आगे बताया कि हालात बेहतर होने से पहले और बिगड़ सकते हैं और पावर में बड़े बदलाव के बाद दुनिया में एक नया वर्ल्ड ऑर्डर स्थापित होगा, जिस पर आम लोगों का नियंत्रण नहीं होगा।

आम लोगों पर पड़ता है सबसे बड़ा असर

नोरा फतेही ने कहा कि लगातार अस्थिरता की वजह से आम लोग मानसिक दबाव में जी रहे हैं, जबकि ज्यादातर लोग बस शांति और सामान्य जीवन की इच्छा रखते हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आध्यात्मिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं। हम बस दुनिया में शांति चाहते हैं। उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि युद्ध और संघर्ष केवल राजनीतिक या सैन्य दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर भी गंभीर प्रभाव डालते हैं।

नोरा फतेही ने केवल व्यक्तिगत चिंता ही नहीं जताई, बल्कि यह भी संकेत दिया कि वैश्विक नागरिकों को वर्तमान संकट के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनके अनुसार, हिंसा और युद्ध की स्थिति में सबसे अधिक नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने फैंस और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से प्रार्थना और शांति का संदेश साझा किया। उनका मानना है कि दुनिया में स्थिरता और शांतिपूर्ण जीवन के लिए सामूहिक जागरूकता और समर्थन जरूरी है।

यूएस और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के बाद मिडिल ईस्ट के कई देशों में सुरक्षा और हवाई यात्रा पर असर पड़ा है। मिसाइल हमलों और सैन्य कार्रवाई के कारण दुबई, कुवैत और अन्य देशों में अस्थिरता बढ़ी है।

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