मिस वर्ल्ड 2026: डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल बनीं विजेता, भारत की निकिता पोरवाल टॉप-20 से बाहर

डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल डोमिंग्वेज मिस वर्ल्ड 2026 बनीं। स्पेन की एलिसाबेथ रनर-अप रहीं, जबकि भारत की निकिता पोरवाल टॉप-20 में नहीं पहुंचीं।

डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल डोमिंग्वेज मिस वर्ल्ड 2026 बनीं। वियतनाम के न्हा ट्रांग में हुए फिनाले में स्पेन की एलिसाबेथ रेनेस रनर-अप रहीं। मलेशिया की तानुसिया चेट्टी तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि भारत की निकिता पोरवाल टॉप-20 से बाहर रहीं।

मिस वर्ल्ड 2026: डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल डोमिंग्वेज ने मिस वर्ल्ड 2026 का खिताब जीत लिया है। शनिवार को वियतनाम के न्हा ट्रांग में आयोजित ग्रैंड फिनाले में उन्हें मिस वर्ल्ड 2025 ओपल सुचाता चुआंगश्री ने ताज पहनाया। स्पेन की एलिसाबेथ रेनेस रनर-अप रहीं, जबकि मलेशिया की तानुसिया चेट्टी तीसरे स्थान पर रहीं। भारत की प्रतिनिधि निकिता पोरवाल प्रतियोगिता में टॉप-20 तक जगह नहीं बना सकीं। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के इस संस्करण के बाद एक बार फिर दुनिया की सबसे चर्चित सौंदर्य प्रतियोगिताओं में शामिल इस पेजेंट के इतिहास, विवादों और बदलते स्वरूप पर चर्चा शुरू हो गई है।

जोहेरी मोल डोमिंग्वेज बनीं मिस वर्ल्ड 2026

न्हा ट्रांग में आयोजित ग्रैंड फिनाले में डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल डोमिंग्वेज ने प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। स्पेन की एलिसाबेथ रेनेस ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि मलेशिया की तानुसिया चेट्टी तीसरे स्थान पर रहीं।

मिस वर्ल्ड 2026 के नतीजे के साथ जोहेरी ने अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल की। प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और कई चरणों के बाद विजेता का चयन किया गया।

भारत की निकिता पोरवाल इस बार टॉप-20 में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकीं। इससे भारत के प्रतिनिधित्व को लेकर भी प्रतियोगिता के भारतीय प्रशंसकों के बीच चर्चा रही।

पिछले साल ओपल सुचाता ने जीता था खिताब

मिस वर्ल्ड 2025 का ग्रैंड फिनाले 31 मई 2025 को हैदराबाद के हाइटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित हुआ था। उस प्रतियोगिता में 108 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।

थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब जीता था। इथियोपिया की हासेट डेरेज फर्स्ट रनर-अप रहीं। पोलैंड की माजा क्लाज्दा सेकेंड रनर-अप और मार्टिनिक की ओरेली जोआचिम थर्ड रनर-अप रही थीं।

मिस वर्ल्ड 2024 की विजेता क्रिस्टीना पिस्जकोवा ने ओपल सुचाता को ताज पहनाया था। एक साल बाद ओपल ने मिस वर्ल्ड 2026 की विजेता जोहेरी मोल डोमिंग्वेज को क्राउन पहनाया।

मिस वर्ल्ड की शुरुआत कैसे हुई?

मिस वर्ल्ड का इतिहास 1951 से जुड़ा है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, ब्रिटेन के टीवी होस्ट एरिक मोर्ले ने फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन समारोह के दौरान बिकिनी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रतियोगिता आयोजित की थी।

उस समय प्रतियोगिता में कई देशों की 27 मॉडल्स ने हिस्सा लिया था। विदेशी मीडिया ने इस आयोजन को ‘मिस वर्ल्ड’ नाम दिया। स्वीडन की कर्स्टीन मार्गरेटा यानी कीकी हकानसन पहली विजेता बनीं।

पहली प्रतियोगिता को लेकर काफी विवाद हुआ। टीवी पर प्रसारण के बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से इसकी आलोचना की गई। कुछ देशों ने अपनी प्रतिभागियों को आगे प्रतियोगिता में भेजने से भी इनकार किया।

बाद में एरिक मोर्ले ने ‘मिस वर्ल्ड’ नाम को रजिस्टर कराया और प्रतियोगिता को वार्षिक आयोजन का रूप दिया गया।

1952 में बिकिनी की जगह स्विमसूट

शुरुआती आयोजन को लेकर उठे विवादों के बाद प्रतियोगिता के स्वरूप में बदलाव किया गया। 1952 में बिकिनी के बजाय प्रतिभागियों के लिए स्विमसूट का इस्तेमाल किया जाने लगा।

समय के साथ मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का फोकस भी बदलता गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों, सामाजिक कार्यों, सार्वजनिक बोलने की क्षमता और विभिन्न सामाजिक मुद्दों से जुड़े अभियानों को भी महत्व दिया जाने लगा।

आज यह पेजेंट केवल बाहरी सुंदरता पर आधारित प्रतियोगिता के बजाय प्रतिभागियों की व्यापक सार्वजनिक प्रोफाइल और सामाजिक पहलों को भी सामने रखने वाले मंच के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

1970 में मिस वर्ल्ड फिनाले के दौरान विरोध

मिस वर्ल्ड के इतिहास में 1970 का आयोजन सबसे विवादित संस्करणों में शामिल रहा। 20 नवंबर 1970 को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रतियोगिता का फिनाले आयोजित किया जा रहा था।

इस दौरान बड़ी संख्या में नारीवादी प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। महिलाओं को प्रतियोगिता में जिस तरह प्रस्तुत किया जाता था, उसके विरोध में प्रदर्शन हुआ और मंच पर वस्तुएं फेंकी गईं। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हुआ।

इस आयोजन के आसपास विरोध का एक और मामला भी सामने आया। प्रतियोगिता से पहले BBC की ब्रॉडकास्ट वैन पर बम हमला हुआ था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन घटनाओं में कोई जान नहीं गई।

1970 में पहली ब्लैक मिस वर्ल्ड को लेकर विवाद

उसी वर्ष ग्रेनाडा की जेनिफर होस्टन मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली पहली अश्वेत महिला बनीं। उनके विजेता घोषित होने के बाद भी प्रतियोगिता के नतीजे पर विवाद हुआ।

BBC को परिणाम के विरोध में कई पत्र भेजे गए। बाद में प्रतियोगिता की ज्यूरी में ग्रेनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री सर एरिक गैरी के शामिल होने को लेकर भी सवाल उठे।

उपलब्ध विवरण में दावा किया गया कि ज्यूरी में उनके प्रभाव के कारण परिणाम प्रभावित हुआ। हालांकि, इस तरह के आरोपों को ऐतिहासिक विवाद और दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

1973 में विजेता से वापस लिया गया खिताब

1973 में अमेरिका की मार्जोरी वैलेस मिस वर्ल्ड जीतने वाली पहली अमेरिकी प्रतिभागी बनीं। हालांकि, प्रतियोगिता जीतने के कुछ ही समय बाद उनकी निजी जिंदगी को लेकर विवाद सामने आया।

रिपोर्टों के अनुसार, उनके कई रिश्तों और सार्वजनिक रूप से सामने आई तस्वीरों को लेकर विवाद हुआ। करीब 104 दिन बाद उनसे मिस वर्ल्ड का खिताब वापस ले लिया गया।

यह घटना प्रतियोगिता के इतिहास में उन मामलों में शामिल हो गई, जिनमें विजेता को ताज मिलने के बाद भी खिताब गंवाना पड़ा।

1980 में गैब्रिएला ब्रूम ने लौटाया क्राउन

1980 में जर्मनी की गैब्रिएला ब्रूम मिस वर्ल्ड चुनी गई थीं। उन्होंने बाद में क्राउन वापस कर दिया। उस समय उन्होंने अपने फैसले के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया था।

इसके बाद उनकी कुछ तस्वीरों को लेकर विवाद की चर्चा सामने आई। उपलब्ध विवरणों में कहा गया कि इसी विवाद के बाद उनसे खिताब वापस ले लिया गया।

यह मामला भी मिस वर्ल्ड के इतिहास में विजेता के व्यक्तिगत जीवन और प्रतियोगिता के नियमों के बीच टकराव के उदाहरण के तौर पर दर्ज हुआ।

2000 में नाइजीरिया आयोजन को लेकर विवाद

मिस वर्ल्ड 2000 का आयोजन नाइजीरिया में प्रस्तावित था। लेकिन प्रतियोगिता से पहले कदुना में धार्मिक हिंसा भड़क गई। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इन दंगों में करीब 200 लोगों की मौत हुई।

हिंसा के कारण कई यूरोपीय देशों की प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता का बहिष्कार किया। बाद में सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए फिनाले को लंदन स्थानांतरित कर दिया गया।

मिस वर्ल्ड 2026: डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल बनीं विजेता, भारत की निकिता पोरवाल टॉप-20 से बाहर

आयोजन स्थल बदलने के बाद पहले प्रतियोगिता से अलग होने वाली कुछ प्रतिभागियां भी इसमें वापस शामिल हुईं।

कोरोना महामारी के कारण 2020 में प्रतियोगिता रद्द

कोविड-19 महामारी का असर भी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता पर पड़ा। 2020 में महामारी के कारण प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जा सकी और मिस वर्ल्ड 2020 का आयोजन रद्द कर दिया गया।

2021 में भी महामारी ने प्रतियोगिता को प्रभावित किया। प्यूर्टो रिको में होने वाले फिनाले से पहले कई प्रतिभागियों और तकनीकी कर्मचारियों के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।

बाद में मिस वर्ल्ड 2021 का फिनाले 2022 में आयोजित किया गया।

2025 में मिस इंग्लैंड के आरोपों से विवाद

मिस वर्ल्ड 2025 के आयोजन से पहले भी प्रतियोगिता विवादों में रही। भारत के हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले मिस इंग्लैंड मिला मैगी ने पेजेंट छोड़ दिया था।

मिला मैगी ने आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उन पर फाइनेंसरों के मनोरंजन के लिए दबाव डाला गया और उन्हें प्रतियोगिता में असहज महसूस कराया गया।

उनके आरोपों ने प्रतियोगिता के आयोजन और प्रतिभागियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए। हालांकि, इन आरोपों को मिला मैगी के बयान के रूप में ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए।

प्रियंका चोपड़ा की जीत भी विवादों में रही

भारत की प्रियंका चोपड़ा ने वर्ष 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। उन्होंने 108 देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की थी।

उनकी जीत के करीब दो दशक बाद मिस बारबाडोस की पूर्व प्रतिभागी लीलानी मेककॉने ने प्रतियोगिता के नतीजे को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस वर्ष प्रियंका चोपड़ा को प्रतियोगिता में विशेष व्यवहार मिला था।

लीलानी ने एक यूट्यूब वीडियो में प्रतियोगिता के प्रायोजक और प्रियंका के पहनावे से जुड़े कुछ पहलुओं का जिक्र किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्विमसूट राउंड के दौरान प्रियंका को अन्य प्रतिभागियों से अलग पोशाक दी गई थी।

हालांकि, ये आरोप प्रतियोगिता के कई साल बाद लगाए गए थे और इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध सामग्री में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं है।

मिस वर्ल्ड का बदलता स्वरूप

1951 में शुरू हुई मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता ने सात दशकों से अधिक समय में कई बदलाव देखे हैं। शुरुआती दौर में जहां प्रतियोगिता के ग्लैमर और स्विमसूट राउंड पर ज्यादा ध्यान था, वहीं समय के साथ इसका स्वरूप बदलता गया।

आज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की सामाजिक पहल, व्यक्तिगत उपलब्धियों और सार्वजनिक भूमिका को भी महत्व दिया जाता है। इसके बावजूद पेजेंट समय-समय पर लैंगिक प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता, जजिंग प्रक्रिया और आयोजकों की भूमिका जैसे मुद्दों को लेकर बहस में आता रहा है।

मिस वर्ल्ड 2026 में डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोल डोमिंग्वेज की जीत इसी लंबे इतिहास की अगली कड़ी है। स्पेन की एलिसाबेथ रेनेस रनर-अप और मलेशिया की तानुसिया चेट्टी तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि भारत की निकिता पोरवाल टॉप-20 में जगह नहीं बना सकीं।

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