NASA के Moon Base Program में ISRO की एंट्री? भारत को Artemis Accords के तहत मिला न्योता

NASA ने Artemis Accords के तहत ISRO को Moon Base Program में शामिल होने का न्योता दिया है। बेंगलुरु में India-US Space Working Group बैठक में प्रस्ताव आया।

NASA ने भारत को Artemis Accords के तहत अपने Moon Base Program में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया है। बेंगलुरु में India-US Civil Space Joint Working Group की बैठक के दौरान यह प्रस्ताव सामने आया।

ISRO Moon Base Program: NASA ने भारत को अपने महत्वाकांक्षी Moon Base Program में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। बेंगलुरु में India-US Civil Space Joint Working Group की नौवीं बैठक के दौरान यह प्रस्ताव रखा गया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक Lunar Outpost विकसित करना है, जहां आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष यात्री रहकर काम और वैज्ञानिक गतिविधियां कर सकेंगे।

Artemis Accords के तहत भारत को मिला न्योता

भारत और अमेरिका के बीच Space Cooperation को एक और बड़ा विस्तार मिलने की संभावना है। NASA ने Indian Space Research Organisation यानी ISRO को अपने महत्वाकांक्षी Moon Base Program में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। यह प्रस्ताव Artemis Accords के तहत रखा गया है, जिसके जरिए अमेरिका चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

NASA के Moon Base Program में ISRO की एंट्री? भारत को Artemis Accords के तहत मिला न्योता

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक साल में NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar यानी NISAR मिशन और Axiom-4 मिशन जैसी साझेदारियों ने दोनों देशों के Space Cooperation को नई मजबूती दी है।

चंद्रमा के South Pole पर बन सकता है Lunar Outpost

NASA के Moon Base Program का प्रमुख लक्ष्य चंद्रमा पर एक Lunar Outpost स्थापित करना है। इसके लिए चंद्रमा के South Pole क्षेत्र को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजना के तहत अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऐसा ठिकाना विकसित करने की कोशिश है, जहां वे लंबे समय तक रह सकें, काम कर सकें और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकें।

प्रस्तावित Lunar Outpost को आने वाले दशक में मानव मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के तौर पर विकसित करने की योजना है। भविष्य में इसकी भूमिका और भी लंबी अवधि तक बढ़ सकती है। चंद्रमा पर इंसानों की नियमित मौजूदगी स्थापित करना NASA के व्यापक Artemis कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

Bengaluru Meeting में सामने आया प्रस्ताव

ISRO को यह निमंत्रण बेंगलुरु में हुई India-US Civil Space Joint Working Group की नौवीं बैठक के दौरान दिया गया। बैठक में दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

भारत के लिए यह प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ISRO पहले ही कई जटिल अंतरिक्ष अभियानों के जरिए अपनी तकनीकी क्षमता प्रदर्शित कर चुका है। NISAR मिशन दोनों देशों के संयुक्त प्रयास का उदाहरण है, जबकि Axiom-4 मिशन के जरिए भारतीय astronaut-candidate Group Captain Shubhanshu Shukla के International Space Station जाने से भी भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग को नया आयाम मिला।

अगर भारत इस Moon Base initiative का हिस्सा बनता है, तो ISRO को चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव गतिविधियों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भागीदारी का अवसर मिल सकता है। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान, Space Technology और Lunar Exploration के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।

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