मिजोरम में करोड़ों की हेरोइन जब्त, असम राइफल्स और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार

मिजोरम में असम राइफल्स और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 337 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.53 करोड़ रुपये, दो आरोपी गिरफ्तार।

मिजोरम के सैतुअल जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 337 ग्राम हेरोइन नंबर-4 जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.53 करोड़ रुपये आंकी गई है। संयुक्त अभियान में दो लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है।

सैतुअल: मिजोरम के सैतुअल जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की हेरोइन जब्त की है। असम राइफल्स, खुफिया एजेंसियों और मिजोरम पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर 337 ग्राम हेरोइन नंबर-4 बरामद की। सुरक्षा बलों के अनुसार, जब्त की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2.527 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

नगोप Y जंक्शन क्षेत्र में चलाया गया अभियान

असम राइफल्स के अधिकारियों के अनुसार, यह संयुक्त ऑपरेशन 12 जुलाई को सैतुअल जिले के नगोप Y जंक्शन क्षेत्र में चलाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहन की जांच की। तलाशी के दौरान वाहन से प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

30 साबुन के डिब्बों में छिपाई गई थी हेरोइन

अधिकारियों ने बताया कि बरामद हेरोइन को 30 साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखा गया था। तस्करी के लिए अक्सर नशीले पदार्थों को इस तरह छिपाने के तरीके अपनाए जाते हैं, ताकि जांच एजेंसियों को आसानी से पता न चल सके। सुरक्षा टीम ने मौके से नशीले पदार्थ के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया। बरामद सामग्री और गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों को आगे की जांच के लिए मिजोरम पुलिस को सौंप दिया गया है।

मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त की गई हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और संभावित तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले के पीछे बड़े स्तर पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क हो सकता है। पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

पूर्वोत्तर भारत में ड्रग तस्करी बड़ी चुनौती

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। म्यांमार और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाकर ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य न केवल नशीले पदार्थों को जब्त करना है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क को खत्म करना भी है।

सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई

हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी है। एजेंसियां सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों के माध्यम से तस्करी पर रोक लगाने का प्रयास कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह युवाओं के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अपराधों से भी जुड़ी हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी

फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी में और कितने लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद हेरोइन का स्रोत क्या था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। अधिकारियों ने कहा है कि मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। असम राइफल्स और पुलिस बलों का कहना है कि खुफिया जानकारी और संयुक्त कार्रवाई के जरिए ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है।

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