पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले ममता बनर्जी सरकार ने लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये और SC-ST वर्ग को 1700 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
West Bengal Budget: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं और फ्रंटलाइन वर्कर्स को ध्यान में रखते हुए बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने लक्ष्मी भंडार योजना की मासिक राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इस घोषणा को राज्य सरकार की महिला-केंद्रित नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसका सीधा असर करोड़ों परिवारों पर पड़ेगा।
बजट से पहले जनता को राहत देने की कोशिश
यह घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट से पहले की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनकी सरकार यह बजट चुनाव के लिए नहीं बल्कि जनता के हित में पेश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा और आवास योजना जैसी कई योजनाओं के लिए फंड रोक दिया है, इसके बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार अपने संसाधनों से जनकल्याण योजनाएं चला रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें निभाया गया है और लक्ष्मी भंडार योजना में बढ़ोतरी उसी का उदाहरण है।
लक्ष्मी भंडार योजना में क्या बदलाव किया
लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अब तक सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1200 रुपये मिलते थे। नई घोषणा के बाद इस राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब सामान्य वर्ग की महिलाएं 1500 रुपये और एससी-एसटी वर्ग की महिलाएं 1700 रुपये प्रति माह प्राप्त करेंगी। यह बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देना उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना के जरिए राज्य की करोड़ों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार के फैसलों में मजबूत भूमिका निभा रही हैं। सरकार का मानना है कि नियमित मासिक सहायता मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले पाती हैं।
टीएमसी ने बजट को बताया महिला सशक्तिकरण का कदम
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। पार्टी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाकर यह साबित कर दिया गया है कि ममता बनर्जी की सरकार महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता देने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी के अनुसार यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता देती है बल्कि सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन चुकी है।
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य का बयान

पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अंतरिम बजट की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहा कि इस बजट में समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं, श्रमिकों और अस्थायी कर्मचारियों के लिए कई नई घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और गरीब तथा मध्यम वर्ग को राहत देना है।
आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के वेतन में इजाफा
लक्ष्मी भंडार योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए भी राहत भरी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सहायकों, आशा कार्यकर्ताओं, आईसीडीएस कर्मियों, नागरिक स्वयंसेवकों, ग्राम पुलिस और हरित पुलिस कर्मियों के मासिक वेतन में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। यह वेतन वृद्धि अप्रैल 2026 से लागू होगी। सरकार का मानना है कि ये कर्मचारी जमीनी स्तर पर काम करते हैं और इन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलना जरूरी है।
मृत्यु पर मुआवजे की घोषणा
राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यदि 60 वर्ष की आयु से पहले किसी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायक की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को 5 लाख रुपये का एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम इन कर्मचारियों के परिवारों को मुश्किल समय में सहारा देगा और सामाजिक सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा।
गिग वर्कर्स के लिए नया social security portal
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गिग वर्कर्स के लिए एक नए पोर्टल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के जरिए गिग वर्कर्स सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। बदलते समय में बड़ी संख्या में लोग gig economy से जुड़े काम कर रहे हैं और उन्हें भी सरकार की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। राज्य सरकार का मानना है कि यह पोर्टल असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक अहम कदम साबित होगा।
लक्ष्मी भंडार योजना की शुरुआत और उद्देश्य
लक्ष्मी भंडार योजना की शुरुआत फरवरी 2021 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना का लाभ पश्चिम बंगाल की स्थायी निवासी महिलाएं ले सकती हैं जिनकी उम्र 25 से 60 वर्ष के बीच है और जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं।
करोड़ों महिलाओं को मिल रहा लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना से लगभग 2.42 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजे जाने से पारदर्शिता बनी हुई है और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। यही वजह है कि यह योजना राज्य की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल हो चुकी है।
चुनावी राजनीति में महिला योजनाओं का असर
पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि महिला केंद्रित योजनाएं चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाती हैं। मध्य प्रदेश में लाडली बहन योजना, महाराष्ट्र में लाडकी बहीण योजना, छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना और ओडिशा में सुभद्रा योजना ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया है। इन योजनाओं के तहत महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजे गए, जिससे सरकारों को राजनीतिक फायदा मिला।










