मोगा जिले में स्वाइन फ्लू के तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मोगा शहर, बाघापुराना और कोटइसे खां के मरीजों के घरों का सर्वे कर संपर्क में आए लोगों की जांच की गई।
मोगा: पंजाब के मोगा जिले में स्वाइन फ्लू के तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए मरीजों के घरों का सर्वे किया और परिवार के सदस्यों तथा संपर्क में आए लोगों की जांच की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीनों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे अपने घरों में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
मोगा में तीन नए स्वाइन फ्लू केस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में सामने आए तीन नए मरीजों में मोगा शहर, बाघापुराना और कोटइसे खां से संबंधित लोग शामिल हैं। मामलों की जानकारी मिलने के बाद विभाग की टीमें शुक्रवार को तीनों मरीजों के घर पहुंचीं और सर्वे किया।
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सर्वे के दौरान परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों में स्वाइन फ्लू से संबंधित कोई गंभीर लक्षण नहीं पाए गए। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक सिंगला ने मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि मरीजों के घरों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
दो दिन पहले भी मिले थे तीन मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो दिन पहले जिले के बासुराना, कोटइसे खां और मोगा शहर से भी स्वाइन फ्लू के तीन मरीज पॉजिटिव मिले थे। विभाग के मुताबिक ये मरीज अब स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू श्वसन संबंधी संक्रामक बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा टाइप-ए वायरस के कारण होती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है।
इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सांस लेने में परेशानी, छाती में भारीपन, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा अत्यधिक कमजोरी शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोना चाहिए तथा बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए।
सर्दी-खांसी से पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार हर साल फ्लू का टीका लगवाने की बात कही गई है। पौष्टिक आहार और पर्याप्त आराम पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।









