बक्सर में ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मी की मौत गयाजी के रजनीश का डेढ़ महीने पहले हुआ था सिलेक्शन, बैरक के तीसरे फ्लोर से अचानक गिरा

बक्सर के डुमरांव में ट्रेनिंग ले रहे गया के 24 वर्षीय रजनीश कुमार की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पुलिस हादसा और आत्महत्या दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
बक्सर में ट्रेनिंग के दौरान पुलिसकर्मी की मौत गयाजी के रजनीश का डेढ़ महीने पहले हुआ था सिलेक्शन, बैरक के तीसरे फ्लोर से अचानक गिरा
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बक्सर के डुमरांव स्थित बीएमपी-4 परिसर में ट्रेनिंग ले रहे एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक जवान की पहचान गया जिले के नजीरगंज थाना क्षेत्र के कारी सोवा गांव निवासी 24 वर्षीय रजनीश कुमार के रूप में हुई है। रजनीश कुमार कुछ समय पहले ही पुलिस सेवा में चयनित हुए थे और ट्रेनिंग के लिए डुमरांव पहुंचे थे। प्रशिक्षण के दौरान बैरक की तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। साथी जवान आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बीएमपी-4 परिसर में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार रजनीश कुमार बीएमपी-19, बेगूसराय में पदस्थापित थे और वर्तमान में प्रशिक्षण के लिए डुमरांव स्थित बीएमपी-4 परिसर आए हुए थे। बताया गया है कि उनका चयन करीब डेढ़ महीने पहले हुआ था। नौकरी मिलने के बाद परिवार और गांव में खुशी का माहौल था और रजनीश पुलिस सेवा में अपना करियर शुरू करने के लिए प्रशिक्षण ले रहे थे। इसी बीच अचानक हुई इस घटना ने परिवार और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रजनीश कुमार बीएमपी-4 परिसर की पहली मंजिल पर रहते थे, लेकिन घटना के समय वह तीसरी मंजिल पर पहुंच गए थे। इसी बात ने पुलिस की जांच को कई सवालों की ओर मोड़ दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर रजनीश पहली मंजिल से तीसरी मंजिल पर क्यों गए थे और वहां किन परिस्थितियों में वह नीचे गिरे। घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था, इसको लेकर भी उनके साथियों से जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद रजनीश का मोबाइल फोन पहली मंजिल पर ही बरामद हुआ। मोबाइल का वहां मिलना भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले रजनीश ने मोबाइल किस स्थान पर रखा था और उसके बाद वह तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंचे। पुलिस मोबाइल और घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक रविवार की शाम करीब तीन बजे बीएमपी-4 परिसर में अचानक किसी भारी चीज के नीचे गिरने की तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास मौजूद जवान मौके की ओर दौड़े। वहां रजनीश कुमार नीचे गिरे हुए मिले। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और बीएमपी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा परिसर का निरीक्षण किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रजनीश के साथ प्रशिक्षण ले रहे जवानों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले रजनीश की किसी साथी से बातचीत हुई थी या नहीं। इसके अलावा उनके व्यवहार में हाल के दिनों में किसी तरह का बदलाव आया था या नहीं, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि रजनीश तीसरी मंजिल पर किस उद्देश्य से गए थे।

पुलिस ने अभी तक घटना को दुर्घटना मानकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। जांच में हादसे के साथ आत्महत्या के पहलू को भी शामिल किया गया है। हालांकि आत्महत्या की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य अभी सामने नहीं आया है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि रजनीश दुर्घटनावश नीचे गिरे या किसी अन्य परिस्थिति में यह घटना हुई। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

रजनीश कुमार के लिए पुलिस की नौकरी नई शुरुआत थी। चयन के बाद ट्रेनिंग पूरी कर वह अपने विभागीय दायित्वों के लिए तैयार हो रहे थे। ऐसे समय में उनकी मौत की खबर परिवार के लिए बेहद दुखद है। जिस घर में नौकरी मिलने की खुशी थी, वहां अचानक मातम पसर गया। गांव और आसपास के लोगों को भी जब इस घटना की जानकारी मिली तो वे स्तब्ध रह गए।

बीएमपी-4 परिसर में इस घटना के बाद प्रशिक्षण ले रहे अन्य जवानों के बीच भी शोक का माहौल है। साथी जवानों के लिए भी यह घटना काफी झकझोर देने वाली है। प्रशिक्षण के दौरान साथ रहने वाले जवान एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और ऐसे में किसी साथी की अचानक मौत का असर पूरे प्रशिक्षण केंद्र पर पड़ता है। अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

जांच के दौरान घटनास्थल की स्थिति, तीसरी मंजिल तक पहुंचने का रास्ता, छत और रेलिंग की स्थिति तथा गिरने की परिस्थितियों जैसे बिंदुओं को देखा जा रहा है। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी। मेडिकल जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि जवान की मौत किस तरह की चोटों के कारण हुई। पुलिस इन सभी पहलुओं को जोड़कर घटना की कड़ी तैयार करने की कोशिश कर रही है।

रजनीश के मोबाइल फोन की भी जांच की जा सकती है, क्योंकि घटना से पहले की गतिविधियों और संपर्कों से जुड़े कई सुराग इससे मिल सकते हैं। हालांकि पुलिस की ओर से जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल अधिकारियों का जोर तथ्यों को जुटाने और घटना की परिस्थितियों को समझने पर है।

बीएमपी-4 डुमरांव में प्रशिक्षण के लिए बिहार के अलग-अलग हिस्सों से जवान आते हैं। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को पुलिस सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी और शारीरिक एवं विभागीय प्रशिक्षण दिया जाता है। रजनीश भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा थे। उनकी अचानक मौत ने पूरे प्रशिक्षण केंद्र में सुरक्षा और घटना की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं, हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि घटना किसी सुरक्षा चूक की वजह से हुई।

मृतक जवान की पहचान गया जिले के कारी सोवा गांव निवासी रजनीश कुमार के रूप में होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी शोक की लहर है। परिवार को जैसे ही घटना की सूचना मिली, परिजनों में कोहराम मच गया। रजनीश के भविष्य को लेकर परिवार ने जो उम्मीदें संजोई थीं, वह अचानक टूट गईं। नौकरी के चयन के बाद डेढ़ महीने के भीतर ही इस तरह की दुखद घटना सामने आने से परिवार के लोग सदमे में हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि रजनीश की मौत हादसे में हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ जवान के साथियों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। तीसरी मंजिल तक उनके पहुंचने की वजह और वहां से गिरने की परिस्थितियां जांच का मुख्य हिस्सा बनी हुई हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि प्रशिक्षण केंद्रों में रहने वाले जवानों की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्थिति पर किस तरह नजर रखी जाती है। हालांकि इस मामले में अभी किसी तरह की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।

रजनीश कुमार की मौत का सही कारण सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 24 वर्षीय जवान प्रशिक्षण के लिए डुमरांव आया था, पहली मंजिल पर रहता था और घटना के समय तीसरी मंजिल पर मौजूद था। अचानक नीचे गिरने के बाद उसकी जान चली गई। पुलिस हादसा और आत्महत्या दोनों संभावनाओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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