तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने नर्स के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जांच जल्द पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने के निर्देश दिए।
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने एक नर्स के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि मामले की जांच के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जाए और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच करने का निर्देश दिया। इसमें घटना के आसपास की परिस्थितियों के साथ-साथ उस स्थान की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शामिल है, जहां पीड़िता रह रही थी। उन्होंने यह भी पता लगाने को कहा कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई थी।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी जांचने का निर्देश दिया कि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित अनिवार्य प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं।
सरकार इस बात की भी समीक्षा करना चाहती है कि पीड़िता के आवास और अस्पताल परिसर में सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। इसके साथ ही प्रबंधन की जिम्मेदारियों और संभावित चूक से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
मजिस्ट्रियल जांच का उद्देश्य घटना के पूरे घटनाक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और किसी संभावित प्रशासनिक या प्रबंधन संबंधी लापरवाही की स्थिति को स्पष्ट करना है।
जल्द पूरी होगी जांच, फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जांच प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जल्द जुटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि मामले में बिना देरी के चार्जशीट दाखिल की जा सके।
सरकार का जोर जांच को साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जांच के दौरान मामले से जुड़े सभी जरूरी तथ्यों और तकनीकी सबूतों को संकलित किया जाए।चार्जशीट जल्द दाखिल होने से मामले को न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ाने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की दिशा में कदम उठाया जा सकेगा।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाने को कहा है कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में हो। उन्होंने पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रेवंत रेड्डी ने पीड़िता के परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है। राज्य सरकार की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा परिवार के लिए ‘इंदिरम्मा’ आवास योजना के तहत एक मकान भी मंजूर किया गया है।
राज्य के मंत्रियों ने परिवार से की मुलाकात
मामले के बाद राज्य सरकार के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और डी अनसूया सीतक्का पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर चुके हैं। मंत्रियों ने परिवार से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
सरकार ने परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मामले में जल्द न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
बिहार के 34 वर्षीय मैकेनिक की गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में एक 34 वर्षीय मोटरसाइकिल मैकेनिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसे नर्स के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
मामले की जांच फिलहाल जारी है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
29 अगस्त को अस्पताल परिसर के कमरे में मिली थी महिला की लाश
पुलिस के मुताबिक, महिला एसटी समुदाय से संबंधित थी और उसने थुक्कुगुड़ा क्षेत्र के एक अस्पताल में नर्स के रूप में काम किया था।
पुलिस ने बताया कि वह 29 अगस्त को अस्पताल परिसर में स्थित एक आवासीय कमरे में मृत पाई गई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
घटना के बाद मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका, अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था तथा महिला कर्मचारियों के लिए लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठे हैं। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने व्यापक मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने जल्द न्याय का भरोसा दिया
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच में किसी भी जरूरी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए। घटना की परिस्थितियों, सुरक्षा इंतजामों, संभावित प्रबंधन संबंधी लापरवाही और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की जांच को प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
सरकार का कहना है कि जांच जल्द पूरी कर फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जाएंगे, ताकि चार्जशीट दाखिल करने में देरी न हो। इसके साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
पीड़िता के परिवार को आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराने के बाद राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिवार को आवश्यक सहयोग जारी रखा जाएगा। अब मामले में मजिस्ट्रियल जांच और पुलिस जांच के निष्कर्ष आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण होंगे।









