Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख ने अवैध घुसपैठ पर जताई चिंता, समाज से सहयोग की अपील

Mohan Bhagwat ने अवैध घुसपैठ को लेकर चिंता जताई और समाज से सहयोग की अपील की। Rashtriya Swayamsevak Sangh प्रमुख ने सुरक्षा और सामाजिक एकता पर जोर दिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख Mohan Bhagwat ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक कार्यक्रम के दौरान अवैध घुसपैठ, धर्मांतरण और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहकर सहयोग करना चाहिए।

Mohan Bhagwat: Uttar Pradesh के Mathura-Vrindavan से Rashtriya Swayamsevak Sangh के प्रमुख Mohan Bhagwat ने अवैध घुसपैठ को लेकर गंभीर चिंता जताई और लोगों से बड़ी अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनज़र घुसपैठ करने वालों की जानकारी प्रशासन को देनी चाहिए और देश में कहीं भी ऐसे लोगों को किसी तरह का काम नहीं देना चाहिए, ताकि उनका रहना मुश्किल हो जाए।

संघ प्रमुख वृंदावन में Yatendranand Giri महाराज के रुक्मिणी बिहार स्थित नव निर्माण जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि घुसपैठ रोकना केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि समाज का भी कर्तव्य है। उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी चिंता जताते हुए कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण से पहले धर्मांतरण पर रोक लगाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार लालच और दबाव के जरिए धर्मांतरण कराए जाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।

वृंदावन में कार्यक्रम के दौरान दिया बयान

आरएसएस प्रमुख वृंदावन में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक आश्रम के उद्घाटन समारोह में संबोधन दिया। कार्यक्रम में कई संत, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता भी मौजूद थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में अवैध रूप से रहने वाले लोगों को रोजगार या आश्रय नहीं दिया जाना चाहिए। 

उनके अनुसार, ऐसा करने से सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज सतर्क रहेगा और प्रशासन को सही समय पर जानकारी देगा, तो ऐसी गतिविधियों को रोका जा सकता है।

Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख ने अवैध घुसपैठ पर जताई चिंता, समाज से सहयोग की अपील

घुसपैठ रोकना केवल सरकार का काम नहीं

भागवत ने कहा कि घुसपैठ रोकना केवल सरकारी एजेंसियों का काम नहीं है। समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने आसपास होने वाली गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

अपने भाषण में आरएसएस प्रमुख ने धर्मांतरण के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर लालच या दबाव के कारण धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आती हैं, जिसे रोकने के लिए समाज को आगे आना चाहिए। उनका कहना था कि इस विषय पर गंभीर चर्चा की जरूरत है और लोगों को जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को अपनी परंपराओं और संस्कृति के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

जनसंख्या संतुलन पर चर्चा की जरूरत

भागवत ने जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों से बातचीत और तथ्य आधारित चर्चा जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी देश की जनसंख्या दर बहुत कम होने पर भी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उनके अनुसार, कई देशों में जन्म दर कम होने के बाद उसे बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।

भागवत ने कहा कि समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए परिवार व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए और इस विषय पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात का भी जिक्र किया और कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और युद्ध की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार, युद्ध और टकराव से किसी का भला नहीं होता और अंत में सभी को नुकसान उठाना पड़ता है।

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