Mohan Bhagwat बोले- भारत की परंपराएं समाज और दुनिया के कल्याण के लिए जरूरी

Mohan Bhagwat: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत की परंपराएं समाज और दुनिया के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से राष्ट्र और समाज के हित में

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि भारत की पारंपरिक मान्यताएं समाज और पूरी दुनिया की सुरक्षा एवं कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भारत की पारंपरिक जीवनशैली और मूल्य केवल देश के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापक रूप से समाज और दुनिया के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने और सामूहिक भलाई के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

मोहन भागवत बुधवार को नागपुर जिले के देओलापुर स्थित गौ-विज्ञान अनुसंधान केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर किया गया था।

अपनी परंपराओं के अनुरूप जीवन जीने की अपील

मोहन भागवत ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति का जीवन संतोषजनक और सुरक्षित होना चाहिए। इसके लिए केवल सरकार या किसी संस्था पर निर्भर रहने के बजाय आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने सामाजिक कार्यों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। RSS प्रमुख के मुताबिक भारत की परंपराओं में समाज के साथ-साथ व्यापक मानव कल्याण की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में लोगों के लिए अपनी परंपराओं और मूल्यों को समझना तथा उनके अनुरूप जीवन जीना महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज की सुरक्षा और दुनिया की बेहतरी के लिए लोगों को अपने स्तर पर सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उनके अनुसार, जब बड़ी संख्या में लोग सामूहिक हित को प्राथमिकता देते हैं, तो उसका असर पूरे समाज पर दिखाई देता है।

सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर

मोहन भागवत ने कहा कि समाज में अच्छे कार्य करने वाले लोगों की संख्या उसकी कुल आबादी की तुलना में अभी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से सामाजिक गतिविधियों और जनकल्याण के कामों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी अच्छे व्यक्ति को याद करने का सबसे बेहतर तरीका उसके अच्छे कामों को आगे बढ़ाना है। केवल उन लोगों को याद करना जिन्होंने समाज के लिए योगदान दिया, पर्याप्त नहीं है। उनकी सोच और कार्यों को आगे ले जाना भी जरूरी है।

RSS प्रमुख ने कहा कि कई बार लोग यह सोचकर सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर रहते हैं कि ऐसे काम कोई और करेगा। नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देकर समाज के लिए समय निकालने से बचने की प्रवृत्ति पर भी उन्होंने सवाल उठाया।

त्याग और सेवा को बताया समाज की ताकत

भागवत ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तब आता है जब लोग अपनी व्यक्तिगत सीमाओं से आगे बढ़कर दूसरों के लिए काम करते हैं। उनके मुताबिक निजी जीवन में त्याग, धैर्य और सहनशीलता दिखाने वाले लोग दूसरों को भी कठिन परिस्थितियों में सही रास्ता चुनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति समाज के लिए कुछ देता है, तो लंबे समय में उसे सम्मान और लोगों का समर्थन भी मिलता है। उनके मुताबिक समाज में होने वाले बड़े बदलावों के पीछे कई ऐसे लोगों का योगदान होता है, जिन्होंने बिना निजी लाभ की अपेक्षा के काम किया।

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