मुजफ्फरपुर के मदांता अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के इलाज में कथित लापरवाही और जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की है।
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध एक निजी अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाज में कथित लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतों की जांच के बाद मदांता अस्पताल को योजना के पैनल से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद अस्पताल को फिलहाल योजना से जुड़े लाभ नहीं मिल सकेंगे।
जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के बीच स्वास्थ्य विभाग ने मदांता अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के खिलाफ एक मरीज के उपचार में लापरवाही की शिकायत प्राप्त हुई थी।
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया गया। विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलेगा
निलंबन के बाद मदांता अस्पताल फिलहाल आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का उपचार नहीं कर सकेगा। योजना से जुड़े लाभार्थी अब इस अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की स्थिति और आगे की कार्रवाई जांच प्रक्रिया तथा नियमों के अनुपालन के आधार पर तय की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
मुजफ्फरपुर में यह पहली बार नहीं है जब किसी निजी अस्पताल के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई हो। इससे पहले एक अन्य निजी अस्पताल को भी आयुष्मान भारत योजना के पैनल से हटाया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग लगातार ऐसे संस्थानों की निगरानी कर रहा है जहां इलाज की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों या अन्य नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आती हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सभी प्रखंडों से मांगी गई जानकारी
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी 16 प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से ऐसे निजी अस्पतालों की सूची मांगी है, जहां उपचार संबंधी खामियां या अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गई हों।
इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को केवल मानक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही उपलब्ध हों।
मरीजों की सुरक्षा पर विशेष जोर
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना में शामिल अस्पतालों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी अस्पताल में गंभीर लापरवाही, अनियमितता या मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए अस्पतालों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी जारी रहेगी।












