नगांव उपचुनाव में BJP की बड़ी बढ़त, देवाशीष शर्मा 1,72,476 वोटों से आगे

असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना में भाजपा के देवाशीष शर्मा ने 1,72,476 वोटों की बढ़त बनाई। AIUDF के बदरुद्दीन अजमल दूसरे स्थान पर रहे।

असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने बड़ी बढ़त बनाई। शाम 5:52 बजे तक उन्हें 6,77,448 वोट मिले, जबकि AIUDF के बदरुद्दीन अजमल को 5,04,972 वोट प्राप्त हुए।

नगांव: असम की नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने बड़ी बढ़त बना ली। 9 अक्टूबर 2026 को शाम 5:52 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, शर्मा को 6,77,448 वोट मिले थे, जबकि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के उम्मीदवार मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल को 5,04,972 वोट प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार 1,72,476 मतों से आगे चल रहे थे। कांग्रेस के उम्मीदवार सिबामनी बोरा भी इस चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन मतगणना के दौरान वह तीसरे स्थान पर थे। नगांव लोकसभा सीट पर मुकाबला भाजपा, AIUDF और कांग्रेस के बीच रहा। देवाशीष शर्मा की बड़ी बढ़त ने चुनावी मुकाबले को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया था। हालांकि, दिए गए समय के आंकड़े मतगणना के दौरान की स्थिति दर्शाते हैं; अंतिम जीत की पुष्टि निर्वाचन आयोग की अंतिम घोषणा से ही की जानी चाहिए।

नगांव में भाजपा और AIUDF के बीच मुख्य मुकाबला

नगांव लोकसभा क्षेत्र में इस उपचुनाव का मुकाबला चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच था। भाजपा ने देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा, जबकि AIUDF की ओर से पार्टी प्रमुख मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस ने सिबामनी बोरा को टिकट दिया था। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुल सलाम भी चुनावी मैदान में थे।

मतगणना के दौरान भाजपा और AIUDF के उम्मीदवारों के बीच मुख्य प्रतिस्पर्धा दिखाई दी। कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा शुरुआती रुझानों से ही पीछे चल रहे थे। शाम तक देवाशीष शर्मा की बढ़त में काफी इजाफा हो गया था। उपचुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों की नजरें टिकी हुई थीं। नगांव असम की महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में शामिल है और यहां के परिणाम का राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी विश्लेषण किया जा रहा था।

मतगणना के दौरान लगातार बढ़ती गई भाजपा की बढ़त

9 अक्टूबर को सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने के बाद अलग-अलग चरणों में उम्मीदवारों को मिले मतों के आंकड़े सामने आते रहे। शुरुआती रुझानों से ही देवाशीष शर्मा ने बढ़त बना ली थी। दिन चढ़ने के साथ उनके और बदरुद्दीन अजमल के बीच मतों का अंतर बढ़ता गया।

दोपहर 12:30 बजे के आसपास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार को 2,47,821 वोट मिले थे, जबकि अजमल को 1,65,007 वोट प्राप्त हुए थे। उस समय शर्मा 82,814 मतों से आगे थे। कांग्रेस के सिबामनी बोरा को 42,735 वोट मिले थे।

दोपहर बाद भी भाजपा उम्मीदवार की बढ़त बनी रही। शाम 4:39 बजे तक देवाशीष शर्मा को 6,07,544 वोट और बदरुद्दीन अजमल को 4,37,243 वोट मिलने की जानकारी दी गई। उस समय भाजपा उम्मीदवार की बढ़त 1,70,301 वोट थी। शाम 5:52 बजे जारी अपडेट में यह अंतर बढ़कर 1,72,476 वोट हो गया। इस तरह मतगणना के दौरान भाजपा उम्मीदवार की स्थिति लगातार मजबूत होती दिखाई दी। 

कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा तीसरे स्थान पर

नगांव लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा तीसरे स्थान पर बने हुए थे। भाजपा और AIUDF के बीच मतों का अंतर मुख्य चर्चा का विषय रहा, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों से पीछे थे।

कांग्रेस के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण था, क्योंकि पार्टी असम में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रही है। नगांव में भाजपा और AIUDF के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया।

हालांकि, किसी एक लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव के परिणाम से पूरे असम में कांग्रेस की स्थिति का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए राज्य के दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों, पिछले चुनावों के आंकड़ों और मतदाताओं के व्यवहार का भी अध्ययन करना आवश्यक है।

बदरुद्दीन अजमल के लिए क्यों अहम था यह चुनाव?

AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के लिए नगांव उपचुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था। पार्टी ने इस सीट पर भाजपा को चुनौती देने के लिए उन्हें उम्मीदवार बनाया था। मतगणना के दौरान वह दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन भाजपा उम्मीदवार से उनका अंतर लगातार बढ़ता गया।

अजमल असम की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। AIUDF राज्य में अपना राजनीतिक आधार बनाए रखने और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का प्रयास करती रही है। ऐसे में नगांव का चुनाव पार्टी के लिए अपनी चुनावी ताकत परखने का अवसर था।

दूसरी ओर, भाजपा के लिए यह उपचुनाव अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका था। देवाशीष शर्मा की बढ़त ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया, हालांकि चुनाव के अंतिम नतीजे और जीत का आधिकारिक अंतर निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार ही दर्ज किया जाना चाहिए।

नगांव लोकसभा सीट का राजनीतिक महत्व

असम का नगांव लोकसभा क्षेत्र राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां विभिन्न समुदायों के मतदाता रहते हैं और चुनाव में राष्ट्रीय दलों के साथ क्षेत्रीय दल भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

इस सीट पर भाजपा, कांग्रेस और AIUDF के बीच मुकाबला असम की व्यापक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा था। उपचुनाव के परिणाम से यह देखने का अवसर मिला कि मतदाताओं ने उम्मीदवारों और उनके दलों को किस तरह समर्थन दिया।

भाजपा उम्मीदवार की बड़ी बढ़त ने इस मुकाबले को खास बना दिया। दूसरी ओर, AIUDF और कांग्रेस के प्रदर्शन का आकलन उनके पिछले चुनावी नतीजों और क्षेत्रीय समर्थन के आधार पर किया जा सकता है।

अंतिम परिणाम की पुष्टि जरूरी

शाम 5:52 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देवाशीष शर्मा 1,72,476 वोटों से आगे थे। हालांकि, किसी भी चुनावी खबर में मतगणना के दौरान की बढ़त और आधिकारिक जीत के बीच स्पष्ट अंतर रखना जरूरी है।

निर्वाचन आयोग के अंतिम परिणाम में उम्मीदवार के कुल मत, जीत का अंतर और अन्य आधिकारिक विवरण दर्ज किए जाते हैं। इसलिए अंतिम नतीजे की पुष्टि होने के बाद ही देवाशीष शर्मा की जीत और उनके अंतिम मतांतर को निर्णायक रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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