गुड़गांव मेट्रो में बिजली बाधित होने की घटना के बाद NCRTC ने स्पष्ट किया है कि नमो भारत ट्रेन मल्टी-ग्रिड बैकअप और आधुनिक पावर सिस्टम से लैस है। इससे बिजली कटौती की स्थिति में भी ट्रेन सेवा प्रभावित होने की संभावना बेहद कम रहेगी।
गाजियाबाद: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली Namo Bharat ट्रेन की बिजली व्यवस्था को लेकर NCRTC ने बड़ा दावा किया है। निगम के अनुसार ट्रेन नेटवर्क मल्टी-ग्रिड बैकअप, SCADA मॉनिटरिंग और रीजनरेटिव ब्रेकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है, जिससे पावर फेल होने की स्थिति में भी ट्रेन संचालन और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।
मल्टी-ग्रिड सिस्टम से मिलेगी लगातार बिजली सप्लाई
गुड़गांव में हाल ही में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण रैपिड मेट्रो सेवा प्रभावित हुई थी। इसके बाद दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के बीच भी चिंता बढ़ गई थी कि अगर इसी तरह की स्थिति नमो भारत कॉरिडोर में बनी तो क्या ट्रेन सेवा रुक सकती है।

हालांकि NCRTC और तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि नमो भारत ट्रेन का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पारंपरिक मेट्रो नेटवर्क से काफी अधिक उन्नत और सुरक्षित बनाया गया है। ट्रेन संचालन के लिए 25 केवी एसी ओवरहेड कैटेनरी सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। पूरे कॉरिडोर को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग पावर ग्रिड और सब-स्टेशनों से जोड़ा गया है।
यदि किसी एक ग्रिड में तकनीकी खराबी आती है, तो दूसरा ग्रिड तुरंत सप्लाई संभाल लेता है। इससे ट्रेन सेवा बाधित होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
रीजनरेटिव ब्रेकिंग से बिजली बचाने में मदद
Namo Bharat ट्रेनों में रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है। इस तकनीक के जरिए ट्रेन ब्रेक लगाने के दौरान उत्पन्न ऊर्जा को फिर से बिजली में बदला जाता है और उसे ग्रिड में वापस भेज दिया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इससे लगभग 30 प्रतिशत तक बिजली की बचत होती है। साथ ही आपात स्थिति में यह अतिरिक्त ऊर्जा सपोर्ट के रूप में भी काम कर सकती है। NCRTC का मानना है कि यह तकनीक ट्रेन संचालन को अधिक ऊर्जा दक्ष और स्थिर बनाती है।
SCADA सिस्टम रखता है हर गतिविधि पर नजर
पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए SCADA सिस्टम लगाया गया है। यह केंद्रीकृत तकनीक किसी भी सब-स्टेशन या लाइन में फॉल्ट आते ही तुरंत अलर्ट जारी करती है और बिजली सप्लाई का रूट बदल देती है।
इससे तकनीकी गड़बड़ी होने पर भी सेवा को लंबे समय तक रोकने की जरूरत नहीं पड़ती। अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए पूरे नेटवर्क को लगातार नियंत्रित करता है।
इमरजेंसी में भी यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता
अगर किसी कारण से मुख्य बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाए, तब भी ट्रेनों और स्टेशनों में मौजूद बैकअप बैटरियां जरूरी सिस्टम को चालू रखती हैं। इनमें एसी, लाइटिंग, कंट्रोल सिस्टम और इमरजेंसी गेट शामिल हैं।
NCRTC का दावा है कि इस व्यवस्था से यात्रियों के बीच रास्ते में फंसने या असुरक्षित स्थिति बनने की आशंका काफी कम हो जाती है। अधिकारियों के मुताबिक नमो भारत ट्रेन का पूरा सिस्टम कई स्तरों वाले बैकअप मॉडल पर आधारित है, जिससे बड़े स्तर की बिजली कटौती का असर सीमित रखा जा सके।










