नवादा जिले में शब-ए-बारात के मौके पर पूरी अकीदत और एहतराम के साथ इबादत का सिलसिला जारी रहा। इस पाक रात में मस्जिदों और घरों में विशेष नमाज अदा की गई, कुरआन की तिलावत हुई और अल्लाह से मगफिरत व रहमत की दुआएं मांगी गईं। शब-ए-बारात को लेकर जिले भर में धार्मिक माहौल देखने को मिला और देर रात तक इबादत का दौर चलता रहा।
इस अवसर पर जिले के कई इलाकों में रोशनी की गई और लोग कब्रिस्तानों में जाकर अपने मरहूम परिजनों के लिए दुआ करते नजर आए। मुस्लिम समाज के लोगों ने इस रात को गुनाहों से तौबा और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देने वाली बताया। बड़ी संख्या में लोगों ने रोजा रखकर और नफ्ल नमाज पढ़कर इबादत की।
शब-ए-बारात के मौके पर सलमान रागिव, पूर्व विधान परिषद सदस्य (MLC) ने भी लोगों को इस मुबारक रात की बधाई दी। उन्होंने कहा कि शब-ए-बारात अल्लाह की रहमत और बख्शिश की रात है, जिसमें इंसान को अपने गुनाहों से तौबा कर समाज में भाईचारा और इंसानियत को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने जिले और देश में अमन-चैन, भाईचारे और सौहार्द के लिए खास दुआ मांगी।
सलमान रागिव ने कहा कि आज के समय में समाज को आपसी मोहब्बत, शांति और एक-दूसरे के सम्मान की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत के रास्ते पर चलें और एक-दूसरे की मदद करें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक अवसर समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का काम करते हैं।
शब-ए-बारात को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मस्जिदों और प्रमुख स्थानों पर गश्त बढ़ाई गई, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वे शांति और सौहार्द के साथ पर्व मनाएं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी शब-ए-बारात को पूरे एहतराम के साथ मनाया गया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इबादत में हिस्सा लिया और देश-दुनिया में शांति, खुशहाली और तरक्की की दुआ की। कुल मिलाकर नवादा में शब-ए-बारात का पर्व धार्मिक आस्था, भाईचारे और अमन के संदेश के साथ संपन्न हुआ।








