समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छपरा का दौरा किया, जहां उन्होंने विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया, दीदी का सिलाई घर उद्घाटित किया और जिले को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी।
Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को अपनी बहुप्रचारित ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत छपरा पहुंचे। इस दौरे के दौरान छपरा के सदर प्रखंड परिसर में विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि जमीनी स्तर पर चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति को देखने और लाभार्थियों से सीधा संवाद करने का अवसर भी बना।
हेलीकॉप्टर से आगमन, प्रशासन सतर्क
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह 10 बजकर 56 मिनट पर हेलीकॉप्टर से छपरा हवाई अड्डा पर उतरे। वहां से वे सड़क मार्ग के जरिए सदर प्रखंड परिसर पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई।
विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण

सदर प्रखंड परिसर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और सेवाओं की जानकारी आम जनता के सामने रखी गई थी। जीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, ग्रामीण सड़क, सामाजिक सुरक्षा, जिला निबंधन कार्यालय और परामर्श केंद्र जैसे कई विभागों ने अपने कार्यों की झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री हर स्टॉल पर रुककर योजनाओं की जानकारी लेते दिखे।
जनता से आत्मीय संवाद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया। उनका यह अंदाज लोगों को काफी भावुक कर गया। ग्रामीण इलाकों से आए लोग मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित नजर आए। यह दृश्य साफ तौर पर दर्शा रहा था कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद कितना महत्वपूर्ण है।
दीदी का सिलाई घर उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने राधे कृष्ण जीविका महिला संकुल संघ द्वारा संचालित ‘दीदी का सिलाई घर’ प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। जैसे ही मुख्यमंत्री केंद्र के अंदर पहुंचे और वहां की व्यवस्था देखी, उनके मुंह से स्वतः निकल पड़ा, “वाह, बहुत सुंदर”। यह शब्द वहां काम कर रही जीविका दीदियों के लिए किसी सम्मान से कम नहीं था।

प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था
दीदी का सिलाई घर पूरी तरह सुव्यवस्थित नजर आया। महिलाएं मशीनों पर काम कर रही थीं और प्रशिक्षक उन्हें सिलाई से जुड़ी बारीक जानकारियां दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कामकाज को ध्यान से देखा और अधिकारियों से केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। यह केंद्र महिला रोजगार की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।
भोजपुरी संवाद से झलका आत्मविश्वास
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशिक्षण केंद्र में लगे बैनर पढ़कर मुख्यमंत्री को योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदी पम्मी देवी से कहा, “अच्छी तरह से काम कीजिए”। जवाब में चंपा देवी ने भोजपुरी में कहा, “बहुत अच्छा लगता बा, हमनी के रोजगार मिलल बा”। यह संवाद ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और बदली हुई जिंदगी की तस्वीर पेश कर रहा था।
57 मशीनों से रोजगार सृजन
इस सिलाई घर सह उत्पादन केंद्र में कुल 57 मशीनें स्थापित की गई हैं। इनमें स्टिच मशीन, बटन लगाने वाली मशीन और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं। यहां काम करने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी गई है। यह सहायता उनके लिए आर्थिक संबल का काम कर रही है।
आंगनबाड़ी बच्चों की पोशाक योजना

जीविका के संचार प्रबंधक दीपक कुमार ने जानकारी दी कि जीविका और आईसीडीएस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके तहत सारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए मार्च तक 1 लाख 95 हजार पोशाकें तैयार की जाएंगी। यह काम पूरी तरह जीविका दीदियों द्वारा किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में निजी क्षेत्र की भागीदारी
इस योजना के तहत कपड़ा मफतलाल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। उसी कंपनी के अनुभवी कारीगर जीविका दीदियों को कपड़ा काटने और सिलाई की तकनीकी ट्रेनिंग देंगे। इससे तैयार होने वाली पोशाकों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी और महिलाओं को प्रोफेशनल स्किल का अनुभव मिलेगा।
बच्चों की देखभाल व्यवस्था
सिलाई घर की कोऑर्डिनेटर सोनिया ने बताया कि यहां काम करने आने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों के लिए पालना घर की व्यवस्था की गई है। इससे महिलाएं निश्चिंत होकर काम कर पाती हैं। यह पहल महिला कार्यबल को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास मानी जा रही है।
भोजन सुविधा से राहत
कामकाजी महिलाओं के लिए भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जीविका दीदी की रसोई के माध्यम से महिलाओं को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इससे उन्हें काम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता और उनका मनोबल भी बढ़ता है।
हर प्रखंड में सिलाई घर योजना
जिला कोऑर्डिनेटर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के हर प्रखंड में दो-दो सिलाई घर खोले जाएंगे। इसके अलावा सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए पोशाक सिलाई को लेकर भी एमओयू की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। यह योजना जिले में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी।

बालू से बनी आकृति आकर्षण
सदर प्रखंड परिसर में सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार द्वारा बालू से बनाई गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। मुख्यमंत्री ने आकृति को देखकर सराहना की और कलाकार से बातचीत भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई दी।
करोड़ों की योजनाओं की सौगात
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने 450.30 करोड़ रुपये की 45 योजनाओं का शिलान्यास किया और 86.50 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
प्रशासनिक अधिकारी मौजूद
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को प्रगति से समृद्धि तक और सात निश्चय से जुड़े पोस्टरों की जानकारी दी।












