झुंझुनू रोड-2 पर नगर परिषद ने 80 से अधिक अतिक्रमण हटाए, दुकानदारों ने जताया विरोध

झुंझुनू रोड नंबर-2 पर नगर परिषद ने 80 से अधिक अतिक्रमण हटाए। दुकानदारों का विरोध, नगर परिषद ने कार्रवाई को निष्पक्ष बताया। पुलिस ने माहौल नियंत्रण में रखा।

झुंझुनू की रोड नंबर-2 पर नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। 80 से ज्यादा अवैध निर्माण तोड़े गए। दुकानदारों ने भेदभाव का आरोप लगाया, जबकि परिषद ने कार्रवाई को निष्पक्ष बताया।

Jhunjhunu: शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क संकरी होने की समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने शुक्रवार सुबह रोड नंबर-2 पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। सुबह करीब 8 बजे नगर परिषद की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची।

नगर परिषद ने पहले से ही सर्वे कर जी लाल पंप से लेकर जेके मोदी बालिका स्कूल तक करीब 1.7 किलोमीटर लंबे हिस्से को चिन्हित किया था। इस पूरे मार्ग पर 80 से ज्यादा ऐसे स्थानों को लाल निशान लगाकर चिह्नित किया गया था, जहां सड़क सीमा में अवैध कब्जे किए गए थे।

कार्रवाई के दौरान अशोक होटल और बीडीके अस्पताल के आसपास बने अवैध चबूतरे और रैम्प तोड़ दिए गए। सड़क किनारे खड़े पुराने वाहनों के कबाड़ को जब्त किया गया। इसके अलावा रास्ते में बाधा बन रहे खोखे, भट्टियां और तंदूर भी हटाए गए।

दुकानदारों और स्थानीय लोगों का विरोध

कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार और स्थानीय निवासी विरोध करते नजर आए। लोगों का कहना था कि नगर परिषद ने कार्रवाई के लिए सुबह 10 बजे का समय बताया था, लेकिन टीम 8 बजे ही पहुंच गई। इससे दुकानदारों को अपना सामान हटाने का मौका नहीं मिला।

कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनकी दुकानों के आगे बने छोटे रैम्प और सीढ़ियां तोड़ दी गईं, जबकि कुछ प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमणों को नजरअंदाज किया गया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि कार्रवाई में समानता नहीं बरती गई और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया गया।

इस दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही, हालांकि कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

नगर परिषद ने आरोपों को किया खारिज

नगर परिषद के आयुक्त देवीलाल बोचलिया ने दुकानदारों द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार और निष्पक्ष तरीके से की गई है।

आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई से पहले मुनादी के माध्यम से लोगों को सूचना दी गई थी। इसके अलावा, जिन स्थानों को अतिक्रमण माना गया, वहां के मालिकों से स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए थे। लेकिन कोई भी व्यक्ति वैध कागजात पेश नहीं कर सका।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क को “वॉल-टू-वॉल” यानी पूरी चौड़ाई में साफ करना शहर के विकास और यातायात व्यवस्था के लिए जरूरी है। अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई थी, जिससे आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही थी।

आगे भी चलेगा अभियान

नगर परिषद अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। परिषद ने लोगों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से सड़क सीमा में किए गए कब्जे हटा लें, ताकि सख्त कार्रवाई की जरूरत न पड़े।

यह कार्रवाई भले ही विवादों में रही हो, लेकिन नगर परिषद इसे झुंझुनू को सुव्यवस्थित और विकसित शहर बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम बता रही है।

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