Nifty 50 शॉर्ट-टर्म में दबाव में है और 26,000 स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है। 25,860 के पास सपोर्ट है। मोमेंटम इंडिकेटर्स सतर्क हैं, जबकि FIIs शॉर्ट साइड में और DIIs लॉन्ग पोजिशन में हैं।
Nifty Outlook: Nifty बाजार के लिए 26,000 का स्तर फिलहाल एक अहम रेजिस्टेंस बन गया है। पिछले चार कारोबारी सत्रों में NSE Nifty 50 लगभग 230 अंकों यानी 0.9 प्रतिशत टूट चुका है। इस गिरावट के दौरान इंडेक्स अब अपने 50-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास कारोबार करता दिख रहा है, जो डेली चार्ट पर 25,923 के स्तर पर स्थित है। इससे पता चलता है कि बाजार फिलहाल शॉर्ट-टर्म में संभलकर चल रहा है और किसी भी मजबूत तेजी के लिए फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
निफ्टी की हाल की रिकवरी और रेजिस्टेंस
सैमको सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट ओम मेहरा के अनुसार निफ्टी हाल की रिकवरी को बनाए रखने में नाकाम रहा। सोमवार की डेली कैंडल ने एक बार फिर बिकवाली के दबाव को दर्शाया। ओम मेहरा का कहना है कि 26,100–26,000 के जोन में मजबूत रेजिस्टेंस मिलने के बाद इंडेक्स फिर से नीचे फिसल गया। इससे शॉर्ट-टर्म तेजी की ताकत कमजोर नजर आती है। हालांकि निफ्टी अभी भी लोअर बोलिंजर बैंड के ऊपर बना हुआ है, जिससे बड़ी गिरावट फिलहाल टलती दिख रही है।
निफ्टी के लिए सपोर्ट लेवल
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी को 25,860 के आसपास सपोर्ट मिल सकता है। यह 78.6% रिट्रेसमेंट लेवल के पास आता है। ऊपर की ओर 26,000–26,050 पहला रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है, जबकि 26,150 का स्तर किसी भी मजबूत रिकवरी के लिए बड़ी बाधा साबित हो सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने चेतावनी दी कि अगर निफ्टी 25,900 का स्तर संभाल नहीं पाया, तो इंडेक्स 25,800–25,700 तक गिर सकता है। इस स्तर के नीचे निर्णायक गिरावट आने से बाजार में गहरी करेक्शन आ सकती है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की स्थिति
पोनमुडी आर के अनुसार मोमेंटम इंडिकेटर्स सतर्कता का संकेत दे रहे हैं। RSI लगभग 49 के स्तर पर है और इसमें बेयरिश क्रॉसओवर दिख रहा है। MACD नेगेटिव है, लेकिन हिस्टोग्राम सिकुड़ रहा है, जिससे गिरावट की गति धीमी होने का संकेत मिलता है। जब तक निफ्टी 25,950 के ऊपर बना रहता है, तब तक 26,050–26,100 तक हल्की रिकवरी की संभावना बनी रहती है। शॉर्ट-टर्म रुख फिलहाल न्यूट्रल से हल्का नेगेटिव बना हुआ है।
शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन का अनुमान
असित सी. मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के असिस्टेंट वाइस प्रेसजीडेंट ऋषिकेश येडवे के अनुसार, जब तक निफ्टी 25,800 के ऊपर बना रहता है, इंडेक्स शॉर्ट-टर्म में 25,800–26,325 के दायरे में कंसोलिडेट करता रहेगा। इसका मतलब यह है कि फिलहाल कोई बड़ा ब्रेकआउट या जोरदार तेजी की संभावना कम है और बाजार संभलकर कारोबार कर सकता है।
F&O डेटा में बाजार का मूड
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा के अनुसार, F&O डेटा बाजार में सतर्क और संभले हुए रुख को दर्शाता है। कॉल राइटर्स ने ATM और आसपास के स्ट्राइक्स पर नई पोजिशन जोड़ी है, जिससे ऊपर की ओर सप्लाई बढ़ी है और तेजी पर ब्रेक लगा है। खास बात यह है कि 26,000 स्ट्राइक पर लगभग 2.30 करोड़ कॉल कॉन्ट्रैक्ट्स का जमावड़ा देखने को मिला, जो इसे मजबूत रेजिस्टेंस बनाता है।
वहीं पुट राइटर्स ने अपनी पोजिशन घटाई है और निचले स्ट्राइक्स पर रोलओवर किया है। इसका मतलब है कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ब्रेकआउट के बजाय कंसोलिडेशन के मूड में है। 25,900 स्ट्राइक पर करीब 1.13 करोड़ पुट कॉन्ट्रैक्ट्स जुड़ने से निफ्टी को गिरावट में मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन को बचाने में सफल रहता है, तो हल्की शॉर्ट-कवरिंग रैली भी संभव है।
FIIs, DIIs और रिटेल निवेशकों का रुख
निफ्टी F&O डेटा से यह भी सामने आया है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की 86 प्रतिशत से ज्यादा पोजिशन शॉर्ट साइड में है। उनका लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 0.16 है। 18 दिसंबर 2025 को यह रेशियो 0.09 तक पहुंच गया था।
इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) और रिटेल निवेशकों की स्थिति अलग है। DIIs का लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 2.13 है, जबकि रिटेल निवेशकों का रेशियो 2.48 है। इसका मतलब है कि इन दोनों वर्गों में हर एक शॉर्ट पोजिशन के मुकाबले दो से ज्यादा लॉन्ग पोजिशन मौजूद हैं। यह दिखाता है कि घरेलू निवेशक अभी भी बाजार में भरोसा रखते हैं और शॉर्ट-टर्म गिरावट का लाभ खरीदारी के मौके के रूप में ले सकते हैं।










