Nifty 50 ने सपोर्ट जोन बरकरार रखा, निवेशकों में सकारात्मक माहौल

निफ्टी 50 ने 25,950 के स्तर पर मजबूत समर्थन बनाए रखा। मिड और स्मॉल कैप में रिकवरी दिखी, 26,020–26,080 रेंज निफ्टी के लिए प्रमुख रेजिस्टेंस बनी हुई है।

निफ्टी 50 ने 25,950 के स्तर पर मजबूती दिखाई, जबकि मिड और स्मॉल कैप में तेजी से निवेशकों की रुचि बढ़ी। 26,020–26,080 का रेजिस्टेंस निफ्टी के लिए चुनौती बना हुआ है और ब्रेकआउट के लिए मजबूत वॉल्यूम जरूरी है।

Share Market: भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने पिछले हफ्ते मजबूती के साथ अपना ट्रेंड बनाए रखा। निफ्टी 50 (Nifty 50) ने लगातार कंसोलिडेशन के दौर के बावजूद जरूरी सपोर्ट जोन को बनाए रखा और निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल दिखाया। एक्सपर्ट्स के अनुसार मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में रिकवरी का रुख साफ नजर आया, जो नए निवेशकों की बढ़ती रुचि और गिरावट पर आक्रामक खरीदारी का संकेत देता है। निफ्टी ने हफ्ते का अंत मामूली बदलाव के साथ लगभग 25,950 के स्तर पर किया।

निफ्टी 50 का हाल और सपोर्ट जोन

पिछले हफ्ते निफ्टी ने 25,700–25,800 के बैंड से मजबूती दिखाई और 26,000 के स्तर के पास गिरती हुई ट्रेंडलाइन को बार-बार टेस्ट किया। 19 दिसंबर को निफ्टी ज्यादातर समय 25,950–26,000 की रेंज में रहा। दिन के दौरान 0.5–0.6% की मामूली बढ़त देखने को मिली, जो यह दर्शाती है कि मार्केट का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।

आनंद राठी ग्रुप के इक्विटी रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि दिसंबर के अंत तक इंडेक्स अपनी मौजूदा रेंज में रहते हुए सावधानी से बुलिश बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 25,700–25,800 का सपोर्ट मजबूत बना हुआ है और प्राइस एक्शन अब 25,900–26,000 के जोन के पास इकट्ठा हो गया है।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप का प्रदर्शन

जिगर पटेल के अनुसार मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में ज्यादा मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। यह संकेत देता है कि निवेशक अब नए सिरे से रिस्क लेने के लिए तैयार हैं और गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं। बीते हफ्ते का प्राइस एक्शन भी सकारात्मक रहा, क्योंकि मार्केट ने गिरावट को जल्दी संभाल लिया और बिकवाली का दबाव तेज नहीं हो पाया।

स्मॉल और मिड कैप में दिख रही तेजी से यह स्पष्ट होता है कि निवेशक अब लंबी अवधि के लिए अपने पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय हैं। इसका असर निफ्टी 50 पर भी दिखाई दे रहा है, जो अपने सपोर्ट जोन पर स्थिर बना हुआ है।

Nifty 50 के लिए रेजिस्टेंस और ब्रेकआउट संभावना

पटेल के अनुसार निफ्टी के सामने 26,020–26,080 का रेजिस्टेंस अहम चुनौती बना हुआ है। यदि वॉल्यूम के साथ ब्रेकआउट होता है, तो आवरली और डेली चार्ट पर एक इन्वर्स हेड-एंड-शोल्डर्स फॉर्मेशन कन्फर्म हो सकता है। इस स्थिति में निफ्टी 26,300–26,600 की ओर बढ़ने की संभावना बनती है।

इसके साथ ही यह ध्यान देने की बात है कि ब्रेकआउट तब तक प्रभावी नहीं माना जाएगा जब तक यह रेजिस्टेंस मजबूत वॉल्यूम के साथ पार नहीं करता। निवेशकों को सुझाव है कि इस जोन के आसपास ट्रेडिंग करते समय सावधानी बरतें और मार्केट सेंटिमेंट पर नजर रखें।

तेजी का रुझान बरकरार रहेगा या नहीं

जिगर पटेल के अनुसार ज्यादा भागीदारी से मार्केट सेंटिमेंट को मजबूती मिल रही है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में साफ रिवर्सल पैटर्न देखने को मिल रहे हैं। यह दर्शाता है कि गिरावट पर खरीदारी का रुझान लगातार बरकरार है।

उन्होंने यह भी बताया कि जब तक निफ्टी 25,600–25,700 का सपोर्ट बना रहेगा, तब तक मुख्य तेजी का ट्रेंड बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। बड़े मल्टी-ईयर कप-एंड-हैंडल स्ट्रक्चर ने 2026 की शुरुआत तक धीरे-धीरे ऊपर जाने की उम्मीदों को सपोर्ट किया है।

बैंक निफ्टी का परफॉर्मेंस और चुनौती

जहां निफ्टी 50 में रिकवरी देखी गई, वहीं बैंक निफ्टी को पिछले हफ्ते मोमेंटम बनाने में दिक्कत आई। 59,800–60,000 के जोन को दोबारा हासिल करने के प्रयास में लगातार सप्लाई का सामना करना पड़ा। इस वजह से बैंक निफ्टी गिरती हुई ट्रेंडलाइन के नीचे सीमित रहा और लगातार फॉलो-थ्रू खरीदारी नहीं कर पाया।

कुल मिलाकर, बैंक निफ्टी ने थोड़ी देर की तेजी के बाद 58,800–59,000 के आसपास एक टाइट कंसोलिडेशन देखा। आगे के लिए 58,500–58,000 का सपोर्ट डाउनसाइड रिस्क को सीमित कर रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि जब तक बैंक निफ्टी 60,000–60,500 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट नहीं करता, तब तक अपसाइड ट्रैक्शन सीमित रहेगा।

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