नितिन गडकरी का दावा- शिक्षित इलाकों से ज्यादा अपराध प्रभावित क्षेत्रों में मिले वोट, बयान वायरल

नितिन गडकरी ने नागपुर में कहा कि उन्हें शिक्षित इलाकों से 70-75% और अपराध प्रभावित क्षेत्रों से 92% तक वोट मिले। उन्होंने गतिविधियों के समर्थन से इनकार किया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में कहा कि उनके चुनाव में शिक्षित इलाकों की तुलना में अपराध प्रभावित, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट क्षेत्रों से अधिक वोट मिले। उन्होंने दावा किया कि वहां समर्थन 92 प्रतिशत तक पहुंचा, लेकिन गतिविधियों के समर्थन से इनकार किया।

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का नागपुर में दिया गया एक बयान चर्चा में है। उन्होंने अपने चुनावी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षित और समृद्ध इलाकों की तुलना में अपराध प्रभावित, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट क्षेत्रों से अधिक वोट मिले। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब इन गतिविधियों के समर्थन से नहीं है।

नागपुर के कार्यक्रम में गडकरी ने साझा किया चुनावी अनुभव

नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने अपने चुनाव से जुड़े मतदान के आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शहर के बड़े और अधिक शिक्षित इलाकों में उन्हें करीब 70 से 75 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके अनुसार अपराध, अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट क्षेत्रों में उनका समर्थन लगभग 92 प्रतिशत तक पहुंच गया था।

गडकरी की यह टिप्पणी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से चर्चा में आ गया। बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, गडकरी ने अपने वक्तव्य के दौरान ही यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनके बयान को किसी आपराधिक गतिविधि के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

‘इसका मतलब यह नहीं कि मैं उनके काम का समर्थन करता हूं’

गडकरी ने कहा कि किसी इलाके के लोगों से संपर्क या वहां से चुनावी समर्थन मिलने का अर्थ यह नहीं है कि वह वहां मौजूद आपराधिक या गैरकानूनी गतिविधियों का समर्थन करते हैं।

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि उनके विभिन्न वर्गों के लोगों से संबंध हैं, लेकिन इसे गलत अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधि के तौर पर अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों के लोगों से संवाद रखना राजनीति का हिस्सा है।

गडकरी ने इस संदर्भ में सड़क निर्माण और सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि जिन इलाकों में विकास कार्य किए गए, वहां के लोगों ने उन कामों के आधार पर उन्हें समर्थन दिया।

‘नागपुर में 99 प्रतिशत लोग मेरे समर्थक’

कार्यक्रम में गडकरी ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि नागपुर में अंडरवर्ल्ड और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लगभग 99 प्रतिशत लोग उनके समर्थक हैं। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह स्पष्ट किया कि इस टिप्पणी का अर्थ यह नहीं है कि वह उन लोगों की गतिविधियों या काम का समर्थन करते हैं।

उनका जोर इस बात पर था कि लोकतंत्र में लोगों के बीच विश्वास और संवाद महत्वपूर्ण है। किसी क्षेत्र के लोगों का चुनाव में समर्थन मिलना अपने आप में उनके आपराधिक या असामाजिक व्यवहार की स्वीकृति नहीं माना जा सकता।

गडकरी ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और जनता की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए लोगों में लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदारियों को लेकर जागरूकता जरूरी है।

गडकरी ने शिक्षा और जन-जागरूकता को बताया महत्वपूर्ण

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में जनशिक्षा और लोकतांत्रिक जागरूकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल लोगों का शिक्षित होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और उसके मूल्यों के प्रति जागरूकता भी जरूरी है।

उनके मुताबिक, लोकतंत्र में लोगों की प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने को राजनीतिक व्यवस्था की मजबूती से जोड़कर देखा।

गडकरी का यह हिस्सा उनके उस बयान का दूसरा पहलू था, जिसमें उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से मिले चुनावी समर्थन का जिक्र किया। उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि चुनाव में मतदाताओं का फैसला केवल उनके सामाजिक या आर्थिक वर्ग के आधार पर नहीं होता।

‘राजनीति में विश्वसनीयता की जीत होती है’

अपने संबोधन में गडकरी ने राजनीति में विश्वसनीयता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंततः जीत विश्वसनीयता की होती है।

उन्होंने इस विचार को केवल राजनीति तक सीमित नहीं रखा। गडकरी ने कहा कि चाहे व्यवसाय हो, राजनीति हो, उपभोक्ता उत्पाद हो या औद्योगिक उत्पाद, हर क्षेत्र में लोगों का भरोसा और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण होती है।

उनके मुताबिक, जनता के बीच किसी व्यक्ति या संस्था की विश्वसनीयता लंबे समय में सबसे महत्वपूर्ण पूंजी बनती है। इसी संदर्भ में उन्होंने अपने चुनावी समर्थन का उदाहरण भी रखा।

बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

गडकरी के बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। खास तौर पर शिक्षित इलाकों से 70-75 प्रतिशत और अपराध प्रभावित तथा रेड लाइट क्षेत्रों से 92 प्रतिशत वोट मिलने के उनके दावे को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन आंकड़ों को गडकरी द्वारा कार्यक्रम में बताए गए चुनावी आंकड़ों के रूप में पेश किया गया है। स्वतंत्र चुनावी आंकड़ों से इन प्रतिशतों की अलग से पुष्टि रिपोर्टों में नहीं की गई है। इसलिए इन आंकड़ों को गडकरी के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पहले भी बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं गडकरी

नितिन गडकरी इससे पहले भी अपने बेबाक और सीधे बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। उनके भाषणों में अक्सर राजनीति, विकास, प्रशासन और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट टिप्पणियां देखने को मिलती हैं।

हालिया बयान भी इसी क्रम में सामने आया है। हालांकि, इस बार चर्चा का केंद्र उनके चुनावी समर्थन से जुड़ा दावा और अपराध प्रभावित तथा रेड लाइट क्षेत्रों से अधिक वोट मिलने का उनका उल्लेख है।

गडकरी ने अपने बयान में बार-बार यह स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति या क्षेत्र से चुनावी समर्थन मिलने का अर्थ उसके काम या गतिविधियों का समर्थन करना नहीं है। उन्होंने अपने समर्थन को विकास कार्यों और सामाजिक संपर्क से जोड़कर समझाया।

विकास कार्यों को समर्थन की वजह बताया

गडकरी ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग इलाकों में सड़क निर्माण और सामाजिक कार्य किए हैं। उनके अनुसार, ऐसे कामों का असर लोगों के बीच उनकी स्वीकार्यता पर पड़ा।

उनका तर्क था कि मतदाता किसी नेता का मूल्यांकन उसके काम और विश्वसनीयता के आधार पर भी करते हैं। इसलिए जिन क्षेत्रों में विकास कार्य हुए, वहां के लोगों का चुनाव में समर्थन मिलना स्वाभाविक हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में लोगों के बीच संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है। उनके भाषण का एक बड़ा हिस्सा इसी विचार पर केंद्रित रहा कि जनता का भरोसा राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है।

बयान ने फिर खड़ा किया राजनीतिक बहस का मुद्दा

गडकरी की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब नेताओं के चुनावी बयानों और उनके सामाजिक प्रभाव को लेकर सार्वजनिक चर्चा लगातार तेज रहती है। उनके बयान में इस्तेमाल किए गए ‘अंडरवर्ल्ड’, ‘क्रिमिनल’ और ‘रेड लाइट एरिया’ जैसे शब्दों ने इसे और ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाला बना दिया।

हालांकि, गडकरी ने अपने वक्तव्य में इन समूहों या गतिविधियों के प्रति समर्थन से स्पष्ट रूप से दूरी बनाई। उन्होंने विकास कार्य, सामाजिक संपर्क, लोकतांत्रिक जागरूकता और राजनीतिक विश्वसनीयता को अपने तर्क का आधार बनाया।

फिलहाल उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है और इसे लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। गडकरी के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उनका यह स्पष्टीकरण है कि चुनावी समर्थन और किसी व्यक्ति की गतिविधियों के समर्थन को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।

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