छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई संगठित सप्लाई चेन की जांच के दौरान हुई। विभाग को अंतरराज्यीय नेटवर्क का लिंक मिला है, जिसकी जांच अभी जारी है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़े संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से नकली दवाओं की सप्लाई चेन से जुड़े हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों में रोचक अग्रवाल (इंदौर), सुरेंद्र कामनानी (भाटापारा) और खेमराज बानी (सारंगढ़) शामिल हैं। तीनों को जांच के बाद रायपुर में हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में नकली और घटिया दवाओं के कारोबार पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
नागपुर से शुरू हुई जांच, बड़े नेटवर्क तक पहुंची पुलिस
मामले की शुरुआत कुछ महीने पहले हुई थी, जब महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोल्डन ट्रांसपोर्ट और गोगांव क्षेत्र से नकली दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों को संकेत मिले कि यह सिर्फ एक स्थानीय गिरोह नहीं बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए अधिकारियों ने सप्लाई चेन के अलग-अलग लिंक की पहचान शुरू की, जिसमें कई राज्यों के मेडिकल स्टोर्स और एजेंसियों की भूमिका सामने आई।
सारंगढ़ छापेमारी से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान दिसंबर महीने में Sarangarh स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी में संदिग्ध दवाओं के भंडारण और वितरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई।
इन सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक दुकान तक सीमित मामला नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित सप्लाई नेटवर्क सक्रिय था।
कैसे काम करता था नकली दवाओं का नेटवर्क?
- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता था।
- एक स्तर पर नकली या संदिग्ध दवाओं की खरीद की जाती थी
- दूसरे स्तर पर उन्हें अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था
- तीसरे स्तर पर मेडिकल स्टोर्स और एजेंसियों के जरिए बिक्री की जाती थी
यह पूरा सिस्टम इस तरह डिजाइन किया गया था कि दवाओं की असली स्रोत की पहचान करना मुश्किल हो जाए। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, पूछताछ जारी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच के बाद जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
गिरफ्तार आरोपी हैं:
- रोचक अग्रवाल (इंदौर, मध्य प्रदेश)
- सुरेंद्र कामनानी (भाटापारा, छत्तीसगढ़)
- खेमराज बानी (सारंगढ़, छत्तीसगढ़)
इन सभी को रायपुर में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये आरोपी सप्लाई चेन में किस स्तर पर काम कर रहे थे और इनके संपर्क किन-किन राज्यों में फैले हैं।
अंतरराज्यीय कनेक्शन की आशंका
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। जांच में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के लिंक सामने आए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि नकली दवाओं का यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और लंबे समय से काम कर रहा था।
जांच टीम अब पूरे नेटवर्क की मैपिंग कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दवाएं कहां से बन रही थीं और किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाई जा रही थीं।
4 महीने से चल रही थी तलाश
अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की तलाश पिछले लगभग चार महीनों से जारी थी। जांच में मिले तकनीकी और भौतिक सबूतों के आधार पर धीरे-धीरे पूरे रैकेट की कड़ियां जुड़ती गईं और अंततः तीन प्रमुख आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
इस दौरान कई मेडिकल स्टोर्स, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और सप्लाई एजेंसियों की भी जांच की गई।
नकली दवाओं का खतरा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर
नकली दवाओं का कारोबार सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी दवाएं न केवल इलाज को असफल बनाती हैं, बल्कि मरीज की जान के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।
विशेष रूप से एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं और लाइफ-सेविंग ड्रग्स में मिलावट होने पर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और आगे की कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों और संस्थानों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इस रैकेट में कोई फार्मा कंपनी, थोक विक्रेता या मेडिकल सप्लाई चेन का बड़ा नेटवर्क शामिल था।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर्स से ही खरीदें। साथ ही किसी भी संदिग्ध दवा, पैकेजिंग या गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को देने को कहा गया है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।










