राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले रायगंज में हुई एक बड़ी जनसभा में जोरदार चुनावी संदेश दिया। इस रैली को कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां उन्होंने एक साथ नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होनी है और उससे ठीक पहले कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को राज्य में जोरदार चुनावी रैली की। रायगंज में हुई इस जनसभा में उन्होंने एक साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों पर तीखा हमला बोला और कांग्रेस की “5 गारंटियों” के आधार पर जनता से समर्थन मांगा।
राहुल गांधी के इस दौरे को कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने पार्टी की प्राथमिकताओं और राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट किया।
कांग्रेस की 5 गारंटियां: राहुल गांधी का चुनावी रोडमैप

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के लिए कांग्रेस की पांच प्रमुख गारंटियों का ऐलान किया, जिन्हें उन्होंने राज्य के विकास का “वैकल्पिक मॉडल” बताया। ये गारंटियां इस प्रकार हैं—
1. स्वास्थ्य सुरक्षा योजना
- ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
- जिला अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस और कैंसर उपचार की सुविधा
2. शिक्षा गारंटी
- स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा
- स्कूलों में एआई और अंग्रेजी शिक्षा पर जोर
3. युवा सम्मान योजना
- सभी सरकारी रिक्त पदों को भरने का वादा
- सुनिश्चित इंटर्नशिप कार्यक्रम
- जिला स्तर पर एआई स्किल डेवलपमेंट सेंटर
4. महिला सम्मान योजना
- महिलाओं को ₹2000 मासिक आर्थिक सहायता
- पीजी स्तर तक मुफ्त शिक्षा का वादा
5. कृषक सम्मान योजना
- किसानों को ₹15,000 वार्षिक सहायता
- 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
राहुल गांधी ने कहा कि ये योजनाएं “नारी सम्मान, किसान कल्याण, युवाओं के अवसर, स्वास्थ्य और शिक्षा” को केंद्र में रखकर तैयार की गई हैं।
टीएमसी पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप
रैली के दौरान राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में टीएमसी की नीतियां अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर रही हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि अगर टीएमसी अपने प्रशासनिक दायित्वों पर ध्यान देती और हिंसा व भ्रष्टाचार से दूर रहती, तो बंगाल में बीजेपी को कोई राजनीतिक जगह नहीं मिलती। उन्होंने आगे कहा कि शारदा और रोज वैली जैसे चिट फंड घोटालों ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है और जनता के विश्वास को कमजोर किया है।











