झारखंड के चतरा के लावालौंग क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 करोड़ रुपये की अफीम और डोडा जब्त किया है। छह तस्करों के घरों से नशे का जखीरा मिला, हालांकि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
चतरा: झारखंड के Chatra जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की अफीम, डोडा और पोस्ता दाना जब्त किया है। यह कार्रवाई लावालौंग थाना क्षेत्र के खाखर गांव में की गई, जहां छह कथित तस्करों के घरों से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ।
हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। यह पिछले तीन दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसने इलाके में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
एसपी के नेतृत्व में चला विशेष अभियान
यह पूरी कार्रवाई Sumit Agarwal के निर्देश पर की गई। पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि रिमी पंचायत के खाखर गांव में बड़े पैमाने पर अफीम और डोडा का भंडारण किया जा रहा है।
सूचना के अनुसार, तस्कर 13 अप्रैल को इस खेप को बाहरी व्यापारियों को बेचने की तैयारी में थे। इसी जानकारी के आधार पर सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया।
छह तस्करों के घरों में छापेमारी, बोरों में मिला नशा
पुलिस टीम ने गांव में एक साथ कई घरों पर छापेमारी की। जिन लोगों के घरों में तलाशी ली गई, उनमें अमारिक गंझु, मनोज गंझु, सरजू गंझु, मदन गंझु, विनोद गंझु और पिंटू गंझु शामिल हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस को घरों के अंदर बोरे में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अफीम और डोडा मिला। यह नशीला पदार्थ बड़े पैमाने पर बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था।
8.7 किलो अफीम और 370 किलो डोडा बरामद
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल बरामदगी इस प्रकार है:
- 8.7 किलोग्राम गीला अफीम
- 370 किलोग्राम डोडा (पोस्त का सूखा डंठल)
- 109 किलोग्राम पोस्ता दाना
अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह बरामदगी क्षेत्र में सक्रिय अवैध अफीम कारोबार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

तस्कर फरार, आधार कार्ड से हुई पहचान
छापेमारी के दौरान सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, तस्करों को भनक लग गई और वे जंगल या अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
हालांकि, पुलिस को उनके घरों से आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज मिले हैं, जिससे उनकी पहचान पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।
Sumit Agarwal ने बताया कि अब इन तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है और उनकी संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
तीन दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई
Chatra जिले के लावालौंग क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर छापेमारी कर कई अहम सुराग जुटाए थे।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि क्षेत्र में अफीम और डोडा की अवैध खेती और व्यापार एक संगठित नेटवर्क के रूप में चल रहा है।
अफीम माफिया के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क केवल गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बाहरी राज्यों और बड़े व्यापारियों से भी जुड़े हो सकते हैं।
तस्कर अक्सर ग्रामीण इलाकों में अफीम और पोस्ता की अवैध खेती कर उसे सूखा कर बड़े स्तर पर सप्लाई करते हैं। इस प्रक्रिया में कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल होते हैं—उत्पादन, भंडारण और परिवहन।
सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती
Chatra जैसे क्षेत्रों में अफीम उत्पादन और तस्करी एक पुरानी समस्या रही है। कठिन भौगोलिक स्थिति, जंगल और दूरस्थ गांवों के कारण यहां अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है।
पुलिस का कहना है कि माफिया अक्सर छापेमारी की सूचना पहले ही प्राप्त कर लेते हैं, जिससे वे फरार होने में सफल हो जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ, लेकिन पुलिस को महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मिले हैं।
संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी संपत्ति की जांच भी कर रही है। यदि अवैध कमाई साबित होती है, तो संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
Sumit Agarwal ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ अभियान तेज
जिला प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए गांव स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।









