ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का खुलासा: इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी मुंबई से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायपुर पुलिस ने सट्टा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से दबोच लिया है। उनपर IPL पर 3 STUMPS वेबसाइट से सट्टा चलाने का आरोप है।

सट्टा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने  मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी IPL मैचों पर ‘3 STUMPS’ वेबसाइट से सट्टा चला रहा था। मामले में पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जांच कर रही है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से जुड़े एक बड़े ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेकर फ्लाइट के जरिए रायपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में विस्तृत खुलासा पुलिस द्वारा निर्धारित समय पर किया जाएगा।

IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का आरोप

जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी ने कथित तौर पर ‘3 STUMPS’ नाम की एक ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट तैयार की थी, जिसके जरिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैचों पर अवैध सट्टा खिलाया जा रहा था।

यह प्लेटफॉर्म कुख्यात महादेव सट्टा सिंडिकेट की कार्यप्रणाली से प्रेरित बताया जा रहा है, जिसमें ऑनलाइन पैनल और डिजिटल माध्यमों के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन किया जाता है।

FIR के बाद फरार था आरोपी

13 अप्रैल को खेमानी के खिलाफ स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसे मुंबई में ट्रैक कर गिरफ्तार किया।

कई शहरों में फैला नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह सट्टा सिंडिकेट देश के कई बड़े शहरों में सक्रिय था।

Mumbai, Pune, Goa और रायपुर जैसे शहरों में अलग-अलग ऑपरेटर्स के जरिए नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

खेमानी खुद सीधे सामने आए बिना दूर बैठकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता था।

रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से संचालन

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों को इस अवैध कारोबार से जोड़ रखा था।

हर व्यक्ति की भूमिका तय थी—कोई यूजर्स जोड़ता था, कोई दांव लगवाता था, तो कोई वित्तीय लेन-देन संभालता था।

इस संगठित ढांचे ने नेटवर्क को तेजी से फैलाने में मदद की।

मनी ट्रेल छिपाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल

इस सट्टा सिंडिकेट की एक बड़ी खासियत यह थी कि इसमें पैसों के लेन-देन को छिपाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल किया जाता था।

इन खातों के जरिए पैसे एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर किए जाते थे, जिससे असली स्रोत और गंतव्य का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल पेमेंट सिस्टम के उपयोग ने जांच एजेंसियों के लिए ट्रैकिंग को और जटिल बना दिया।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ा

इस नेटवर्क के विस्तार में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही। आरोपी और उसके सहयोगी इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर नए यूजर्स को आकर्षित करते थे।

लुभावने ऑफर और तेज मुनाफे का लालच देकर खासतौर पर युवाओं को इस अवैध सट्टेबाजी में शामिल किया जाता था।

पहले भी 20 से अधिक आरोपी गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने इस मामले में पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो इस नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों को संचालित कर रहे थे।

इन गिरफ्तारियों के बाद ही पुलिस को इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता मिली।

पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय

Chhattisgarh Police इस मामले को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

ऑनलाइन सट्टेबाजी पर बढ़ती चिंता

यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का उपयोग कर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क तेजी से संगठित अपराध का हिस्सा बनते जा रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए सख्त साइबर निगरानी और कानून प्रवर्तन की आवश्यकता है।

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