भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ियों युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा, जिनका नाम ऑनलाइन बेटिंग केस में सामने आया था और जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए बुलाया था, अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई झेल रहे हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 19 दिसंबर 2025 को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ियों युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ED ने आदेश दिया कि दोनों खिलाड़ियों की संपत्ति को जब्त किया जाए। इस कार्रवाई के तहत युवराज सिंह की 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति और रॉबिन उथप्पा की 8.26 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जाएगी।
यह कार्रवाई 1xBet ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में की गई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के हिस्से के रूप में हुई है। इस मामले में ED ने पहले भी कई क्रिकेटरों की संपत्तियों को अटैच किया था।
ED की कार्रवाई का विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि युवराज और उथप्पा की संपत्तियों को PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत जब्त किया गया है। ED ने इन दोनों खिलाड़ियों को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले इस मामले में ED ने अन्य पूर्व भारतीय क्रिकेटरों की संपत्तियों को भी अटैच किया था:
- शिखर धवन: 4.55 करोड़ रुपये
- सुरेश रैना: 6.64 करोड़ रुपये
इस प्रकार, 1xBet सट्टेबाजी मामले में अब तक ED ने कुल 19.07 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
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मामला और जांच की गंभीरता
ED की जांच के अनुसार, यह मामला करीब 1,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। इस ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रमुख आरोप यह है कि कई क्रिकेटरों और अन्य लोगों के माध्यम से अवैध तरीके से धन का लेन-देन किया गया। इस मामले में ED का कहना है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकने और नियमों के उल्लंघन को सख्ती से रोकने के लिए की गई है। ED ने बताया कि 1xBet ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए खिलाड़ियों और अन्य सहयोगियों द्वारा अवैध धन की लेन-देन की गई थी।
- युवराज सिंह: पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह की 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है।
- रॉबिन उथप्पा: पूर्व सलामी बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा की संपत्ति 8.26 करोड़ रुपये अटैच की गई।
इस कार्रवाई के बाद दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी रहेगी। ED का उद्देश्य है कि इस प्रकार के मामलों में सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सभी स्रोतों की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।









