नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली नई लिंक रोड पर हिंडन नदी का पुल तैयार हो गया है। जुलाई में मार्ग शुरू होने की संभावना है, जिससे गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा की दूरी और समय दोनों कम होंगे।
नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए तैयार की जा रही नई लिंक रोड जल्द लोगों के लिए खुल सकती है। हिंडन नदी पर पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और संबंधित सड़क निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद लाखों लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
हिंडन नदी पर पुल निर्माण लगभग पूरा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली नई लिंक रोड परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हिंडन नदी पर बनाया जा रहा पुल अब लगभग तैयार हो चुका है। पुल का निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन की ओर से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब पुल पर बिटुमिन और मैस्टिक बिछाने का अंतिम कार्य किया जाना बाकी है।

साथ ही दोनों ओर की संपर्क सड़कों का निर्माण नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्रों में करा रहे हैं। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि कार्य निर्धारित समय पर पूरा होता है तो जुलाई में इस मार्ग को यातायात के लिए खोला जा सकता है।
एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा नया मार्ग
नई लिंक रोड को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए सेक्टर-146 क्षेत्र में अंडरपास का निर्माण भी किया जा रहा है। इस अंडरपास के जरिए वाहन आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे।
दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन 45 मीटर चौड़ी सड़क पार कर अंडरपास के माध्यम से एक्सप्रेसवे तक पहुंचेंगे। वहीं ग्रेटर नोएडा, आगरा और लखनऊ की दिशा में जाने वाले वाहन सर्विस रोड के जरिए अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए 45 मीटर रोड पर सिग्नल लगाने की योजना भी बनाई जा रही है।
16 किलोमीटर तक कम होगी यात्रा दूरी
इस लिंक रोड के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा गाजियाबाद, सूरजपुर, कलेक्ट्रेट, एलजी चौक और परी चौक की ओर जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। वर्तमान में कई इलाकों के लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 16 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
नई सड़क शुरू होने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी। इससे यात्रा का समय बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी। रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। सेक्टर-151, 153, 154, 155, 156, 157, 159, 160 और 162 जैसे क्षेत्रों के निवासियों को ग्रेटर नोएडा के गामा, बीटा, डेल्टा, सूरजपुर और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने में आसानी होगी।
करीब 99.74 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस मार्ग से आसपास के कई गांवों को भी लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक से बन रहा अंडरपास
अंडरपास निर्माण के लिए डायाफ्राम वॉल कास्ट तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक में पहले जमीन के भीतर मजबूत दीवारें बनाई जाती हैं, फिर ऊपर छत तैयार की जाती है। इसके बाद अंदर की मिट्टी हटाकर सड़क का निर्माण किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक व्यस्त मार्गों पर निर्माण कार्य को सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद करती है। हालांकि निर्माण के दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक प्रभावित रह सकता है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
करीब दो लाख से अधिक लोगों को इस परियोजना का सीधा लाभ मिलने की संभावना है। प्राधिकरण का मानना है कि यह लिंक रोड नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगी।










