नोएडा। नोएडा में मोबाइल चोरी के शक में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसी ने युवक को मोबाइल चोरी करने के शक में पकड़ा और इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। गंभीर हालत में युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक युवक पर पड़ोसी को मोबाइल चोरी करने का शक था। इसी शक के आधार पर उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक की हालत बिगड़ गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि चोरी के केवल शक के आधार पर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार का कहना है कि अगर युवक पर चोरी का संदेह था तो पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी, लेकिन कानून हाथ में लेकर उसके साथ मारपीट की गई। अब परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक को किसने पकड़ा, उसके साथ किस-किस ने मारपीट की और मारपीट की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी। पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
जांच में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोबाइल चोरी की शिकायत वास्तव में दर्ज कराई गई थी या केवल शक के आधार पर युवक को पकड़ लिया गया था। अगर मोबाइल चोरी की कोई घटना हुई थी तो उसका विवरण भी जुटाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस मोबाइल को लेकर विवाद हुआ, वह बरामद हुआ या नहीं।
युवक की मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह और शरीर पर लगी चोटों की स्थिति और स्पष्ट होगी। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर भीड़ या स्थानीय लोगों द्वारा कानून अपने हाथ में लेने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी का शक होने पर पुलिस को सूचना देना और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कराना जरूरी है। किसी व्यक्ति को पकड़कर उसके साथ मारपीट करने से मामला गंभीर अपराध में बदल सकता है। इस मामले में भी पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का अहम हिस्सा होंगे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक को कितनी देर तक रोका गया और अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा।
परिजनों की ओर से भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। परिवार का कहना है कि युवक की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। उनका आरोप है कि चोरी का शक होने पर युवक को पुलिस के हवाले किया जा सकता था, लेकिन लोगों ने उसके साथ मारपीट की, जिसकी वजह से उसकी जान चली गई।
फिलहाल पांच लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किन लोगों की सीधी भूमिका थी। पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा में पिछले दिनों मोबाइल चोरी और मोबाइल लूट से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में कंटेनर से मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ था, जिसमें छह आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद किए गए थे। हालांकि इस घटना में पुलिस की जांच का केंद्र चोरी का गिरोह नहीं, बल्कि चोरी के शक में युवक के साथ हुई मारपीट और उसकी मौत है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए पांच लोगों से पूछताछ जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि युवक की मौत किन चोटों के कारण हुई और वारदात में कौन-कौन सीधे तौर पर शामिल था। परिवार को अब पुलिस जांच से न्याय की उम्मीद है।










