गोरखपुर। गोरखपुर में बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए एक महिला और उसकी मासूम बेटी को निशाना बनाया। बदमाशों ने बच्ची की गर्दन पर चाकू रखकर उसकी मां को धमकाया और कहा कि वह अपने मंगलसूत्र और झुमके उतार दे, वरना उसकी बेटी को मार देंगे। अचानक सामने आई इस घटना से महिला बुरी तरह डर गई। बदमाशों के हाथ में चाकू देखकर उसने विरोध करने के बजाय अपनी और बेटी की जान बचाने के लिए गहने उतार दिए।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों ने जिस तरह बच्ची को ढाल बनाकर महिला को लूटने के लिए मजबूर किया, उससे आसपास के लोगों में भी आक्रोश है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ बदमाशों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की है। वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और बदमाशों के हुलिए के बारे में पीड़ित परिवार से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आसपास के रास्तों और घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों व प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देख रही है, ताकि बदमाशों के आने और भागने का रास्ता पता चल सके।
गोरखपुर में हाल के दिनों में चाकू की नोक पर महिलाओं से गहने लूटने की घटनाएं सामने आई हैं। 26 अगस्त को सहजनवां क्षेत्र में खेत में काम कर रही एक महिला से बाइक सवार दो बदमाशों ने चाकू के बल पर मंगलसूत्र, दोनों कानों के झुमके और नाक की कील लूट ली थी। झुमका नोचने के दौरान महिला का कान भी कट गया था। पुलिस ने इस मामले में बदमाशों की तलाश शुरू की थी।
इस तरह की घटनाओं में बदमाश अक्सर सुनसान रास्ते, खेत या कम भीड़ वाले स्थानों को निशाना बनाते हैं। लेकिन इस घटना में बच्ची को धमकाकर महिला से गहने उतरवाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में शामिल बदमाश पहले से इलाके की रेकी कर रहे थे या उन्होंने मौके का फायदा उठाकर महिला को निशाना बनाया।
पीड़ित महिला और उसके परिवार से पुलिस ने घटना की पूरी जानकारी ली है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि बदमाश कितने थे, उन्होंने किस दिशा से आकर वारदात की और घटना के बाद किस रास्ते से फरार हुए। अगर आसपास लगे कैमरों में बदमाशों की बाइक या चेहरा रिकॉर्ड हुआ है तो उसके आधार पर पुलिस को जल्द सुराग मिलने की उम्मीद है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों को इस तरह चाकू की नोक पर बंधक बनाकर लूटना गंभीर मामला है। खासकर ऐसे स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की जरूरत है, जहां शाम के समय आवाजाही कम हो जाती है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और बदमाशों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लूट के लिए बदमाश किस हद तक जा सकते हैं। गहनों के लिए मासूम बच्ची की गर्दन पर चाकू रखना बेहद गंभीर और डराने वाला तरीका है। महिला ने अपनी बेटी की जान बचाने के लिए बदमाशों के सामने गहने उतार दिए, लेकिन घटना के बाद परिवार में डर का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस की जांच का फोकस बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी पर है। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के बारे में स्थानीय लोगों से मिली जानकारी को जोड़ा जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसी गिरोह ने आसपास के इलाकों में महिलाओं से गहने लूटने की अन्य घटनाओं को तो अंजाम नहीं दिया है।
गोरखपुर में पहले भी चाकू के बल पर महिलाओं से गहने लूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2025 में सिकरीगंज क्षेत्र में भी तीन नकाबपोश बदमाशों ने एक महिला को बंधक बनाकर उसके मंगलसूत्र, कान की बालियां, अंगूठी और कंगन लूट लिए थे। ऐसे मामलों को देखते हुए पुलिस के सामने अब चुनौती केवल एक वारदात का खुलासा करने की नहीं, बल्कि सक्रिय लुटेरों के गिरोह की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने की भी है।









