नॉर्वे के राजा हाराल्ड के निधन के बाद उनके बेटे हाकोन VIII ने शनिवार को राजगद्दी संभाली। 53 वर्षीय नए राजा के सामने आधुनिक राजशाही की विरासत आगे बढ़ाने की चुनौती है। देश में राष्ट्रीय शोक के बीच लोगों ने हाराल्ड को श्रद्धांजलि दी।
ओस्लो: नॉर्वे में राजशाही के इतिहास ने शनिवार को नया मोड़ लिया। लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले किंग हाराल्ड के निधन के बाद उनके 53 वर्षीय बेटे हाकोन VIII ने राजगद्दी संभाल ली। हाराल्ड के निधन के साथ नॉर्वे में 35 वर्षों से चला आ रहा उनका शासन समाप्त हो गया और अब देश की राजशाही की जिम्मेदारी हाकोन के हाथों में आ गई है।
89 वर्षीय किंग हाराल्ड का शुक्रवार सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर निधन हुआ। उनके निधन के बाद नॉर्वे में राष्ट्रीय शोक की अवधि घोषित की गई है। राजधानी ओस्लो स्थित शाही महल के बाहर शनिवार को हजारों लोग जमा हुए और दिवंगत राजा को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने फूल, मोमबत्तियां, संदेश और राष्ट्रीय ध्वज रखकर हाराल्ड को याद किया।
35 साल तक नॉर्वे के राजा रहे हाराल्ड
किंग हाराल्ड ने लगभग तीन दशक से अधिक समय तक नॉर्वे की राजशाही का नेतृत्व किया। उन्हें देश में एक ऐसे राजा के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने राजशाही को आम लोगों के करीब रखने और आधुनिक नॉर्वे की बदलती सामाजिक सोच के साथ आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे ने नए राजा से मुलाकात के बाद कहा कि एक युग समाप्त हुआ है और नए युग की शुरुआत हो रही है। उन्होंने हाराल्ड को लोगों के प्रति प्रेम, हास्य, गर्मजोशी और देशवासियों पर विश्वास रखने वाले राजा के रूप में याद किया।
हाराल्ड की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में लोग शाही महल के बाहर पहुंचे। भारी बारिश के बावजूद लोगों का श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा।
हाकोन ने सरकार को दी पिता के निधन की सूचना
हाकोन VIII ने शनिवार को औपचारिक रूप से राजशाही की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह अपनी 22 वर्षीय बेटी इंग्रिड एलेक्जेंड्रा के साथ शाही महल पहुंचे। इंग्रिड अब नई क्राउन प्रिंसेस की भूमिका में हैं।
हाकोन ने इस मुश्किल समय में सरकार और नॉर्वे की जनता की ओर से मिले समर्थन और संवेदनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह व्यक्तिगत शोक के साथ-साथ संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने का भी महत्वपूर्ण क्षण है।
नॉर्वे की संसद के अनुसार, नए राजा मंगलवार को संसद के मुख्य कक्ष में निष्ठा की शपथ लेंगे। राष्ट्रीय शोक हाराल्ड के अंतिम संस्कार तक जारी रहेगा। अंतिम संस्कार की तारीख अभी निर्धारित नहीं की गई है।
हाकोन की ताजपोशी नहीं होगी
नॉर्वे में पारंपरिक अर्थों में राजा की ताजपोशी नहीं होती। देश ने 1908 में इस प्रथा को समाप्त कर दिया था। हालांकि, हाकोन अपने पिता और दादा की तरह एक धार्मिक आशीर्वाद समारोह में शामिल हो सकते हैं।
ऐसा समारोह ट्रॉनहैम कैथेड्रल में आयोजित किया जा सकता है। इसी स्थान पर अतीत में नॉर्वे के राजाओं के राज्याभिषेक समारोह हुए थे।
इस तरह हाकोन का राजगद्दी संभालना किसी भव्य पारंपरिक ताजपोशी के बजाय संवैधानिक और औपचारिक प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ेगा।
बीमारी के बाद हाराल्ड का निधन
किंग हाराल्ड को अपने जीवन के अंतिम वर्षों में कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था। वह 17 अगस्त से ओस्लो के एक अस्पताल में भर्ती थे। रिपोर्ट के अनुसार, वह हीमोलाइटिक एनीमिया से पीड़ित थे। इस स्थिति में लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य से अधिक तेजी से नष्ट होती हैं, जिससे थकान और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण हाराल्ड ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी आधिकारिक गतिविधियां कम कर दी थीं। इसके बावजूद उन्होंने राजगद्दी छोड़ने या पद से हटने से इनकार किया था। उनका कहना था कि उन्होंने नॉर्वे की संसद के सामने जीवनभर सेवा करने की शपथ ली है।

लोगों ने महल के बाहर दी भावुक श्रद्धांजलि
हाराल्ड के निधन के बाद ओस्लो में शाही महल के बाहर भावुक माहौल देखने को मिला। हजारों लोगों ने फूल और कार्ड रखे। कई लोगों ने नॉर्वे के लाल, सफेद और नीले झंडे भी श्रद्धांजलि स्थल पर लगाए।
स्थानीय लोगों ने हाराल्ड को ऐसा राजा बताया जो देश के अलग-अलग वर्गों को एक साथ जोड़ने में सफल रहे। कई लोगों ने उन्हें पूरे देश के लिए परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य जैसा बताया।
हाराल्ड की छवि विशेष रूप से उनकी समावेशी और उदार सोच के कारण मजबूत हुई थी। 2011 में नॉर्वे में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद उनका सार्वजनिक संबोधन आज भी उनकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उस हमले में 77 लोगों की मौत हुई थी।
विदेशों से भी आईं संवेदनाएं
किंग हाराल्ड के निधन पर दुनिया के कई नेताओं और यूरोपीय राजघरानों ने शोक व्यक्त किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाराल्ड को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें मजबूत और सम्मानित व्यक्तित्व बताया।
ट्रंप ने नॉर्वे के लोगों और शाही परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। हालांकि, नॉर्वे और अमेरिका के संबंधों के संदर्भ में ट्रंप के कुछ राजनीतिक रुख को लेकर पहले से मतभेद भी रहे हैं।
इसके बावजूद हाराल्ड के निधन के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान और व्यक्तित्व को सम्मान दिया गया।
नॉर्वे के शाही परिवार के सामने चुनौतियां
हाराल्ड के निधन के साथ ही नॉर्वे के शाही परिवार के सामने एक नई चुनौती भी खड़ी हुई है। देश की राजशाही आधुनिक और अपेक्षाकृत सादगीपूर्ण छवि के लिए जानी जाती है, लेकिन हाल के समय में परिवार से जुड़े कई विवादों ने संस्था पर दबाव बढ़ाया है।
रानी सोन्या को भी इस साल स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं हाकोन की पत्नी मेटे-मैरिट भी अपने निजी और पारिवारिक संबंधों को लेकर सार्वजनिक जांच का सामना कर रही हैं।
मेटे-मैरिट के पिछले संबंध से जन्मे बेटे मारियस बोर्ग होइबी को जून में बलात्कार के दो मामलों में चार साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा मेटे-मैरिट खुद गंभीर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रही हैं और जुलाई में उनका फेफड़ा प्रत्यारोपण किया गया था।
इन घटनाओं के बीच हाकोन के सामने राजशाही की विश्वसनीयता और जनता के भरोसे को बनाए रखने की चुनौती होगी।
आधुनिक राजशाही की विरासत आगे बढ़ाने की चुनौती
नॉर्वे की राजशाही को यूरोप की अपेक्षाकृत आधुनिक और सादगीपूर्ण राजशाहियों में गिना जाता है। हाराल्ड ने अपने लंबे शासनकाल के दौरान इस छवि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अब हाकोन VIII को इसी विरासत को आगे बढ़ाना होगा। उनके सामने एक ओर पिता की लोकप्रियता और मजबूत सार्वजनिक छवि की विरासत है, तो दूसरी ओर बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल में राजशाही की प्रासंगिकता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
नए राजा के शुरुआती कदम यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि वह जनता के साथ किस तरह का संबंध स्थापित करते हैं और शाही परिवार से जुड़े विवादों का सामना किस तरीके से करते हैं।
फिलहाल नॉर्वे में शोक का माहौल है। शाही परिवार, सरकार और जनता किंग हाराल्ड को अंतिम विदाई की तैयारी कर रहे हैं। वहीं हाकोन VIII के नेतृत्व में नॉर्वे की राजशाही अपने इतिहास के एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है।









