Mohan Bhagwat New York Event: विरोध के बीच बढ़ा समर्थन, राम माधव बोले- ‘ममदानी ने दिलाई पब्लिसिटी’

Mohan Bhagwat New York Event: मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर विवाद के बीच समर्थन बढ़ा है राम माधव ने कहा कि जोहरान ममदानी

न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम के विरोध को लेकर बीजेपी उपाध्यक्ष राम माधव ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर निशाना साधा है।

Mohan Bhagwat New York Event: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। कार्यक्रम का कुछ संगठनों की ओर से विरोध किए जाने के बाद इसके समर्थन में भी कई समूह सामने आए हैं। बीजेपी नेता राम माधव ने दावा किया है कि विरोध के कारण कार्यक्रम को अपेक्षा से अधिक सार्वजनिक चर्चा और ध्यान मिल रहा है।

मोहन भागवत का यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होने वाला है। आयोजन को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच भी चर्चा बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम के विरोध में कुछ संगठनों ने अभियान चलाया, जबकि इसके समर्थन में कई अन्य संगठनों ने सक्रियता बढ़ाई है।

राम माधव ने जोहरान ममदानी पर क्या कहा?

बीजेपी उपाध्यक्ष राम माधव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और उनके समर्थक संगठनों के विरोध ने कार्यक्रम को और ज्यादा लोकप्रिय बनाने में मदद की है। राम माधव के मुताबिक, विरोध के कारण लोगों की दिलचस्पी इस आयोजन में बढ़ी है और इससे मोहन भागवत तथा RSS को अपनी बात अधिक लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कार्यक्रम को संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।

हालांकि, ममदानी की ओर से कार्यक्रम के खिलाफ कथित रुख और उसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर किए जा रहे दावों को अलग-अलग स्रोतों से स्वतंत्र रूप से देखना जरूरी है। किसी कार्यक्रम का विरोध या समर्थन अपने आप में उसके राजनीतिक प्रभाव का निश्चित प्रमाण नहीं माना जा सकता।

विरोध से समर्थन तक कैसे बदला माहौल?

बताया जा रहा है कि शुरुआत में अमेरिका में करीब 60 संगठनों ने RSS प्रमुख के कार्यक्रम के खिलाफ आवाज उठाई। इन संगठनों की आपत्तियों के बीच न्यूयॉर्क की राजनीति में भी इस आयोजन को लेकर चर्चा हुई। वहीं, कार्यक्रम को समर्थन देने वाले संगठनों की संख्या बाद में बढ़ने का दावा किया गया। इससे मामला केवल एक आयोजन तक सीमित न रहकर अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच बहस का विषय बन गया।

कार्यक्रम के आयोजकों से जुड़े AHEAD यानी American Hindus for Engagement and Dialogue के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर भी विवाद सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, अकाउंट पर मास रिपोर्टिंग के बाद कार्रवाई की गई थी। बाद में इसे बहाल किए जाने की बात सामने आई।

करीब 200 संगठनों के समर्थन का दावा

कार्यक्रम के समर्थकों का दावा है कि अमेरिका में करीब 200 संगठन अब इसके पक्ष में सक्रिय हैं। इनमें हिंदू समुदाय से जुड़े कई संगठन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएं और कुछ अन्य सामुदायिक समूह शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें Hindu Swayamsevak Sangh, Hindu American Foundation, Chinmaya Mission, American Hindu Coalition, Americans for Hindus और Eternal Gandhi Museum Houston जैसे नामों का उल्लेख किया गया है। 

कुछ यहूदी संगठनों की भागीदारी का भी दावा किया गया है। हालांकि, विभिन्न संगठनों की भागीदारी और उनकी भूमिका को लेकर उपलब्ध दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर हो सकती है।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम क्यों महत्वपूर्ण है?

मैडिसन स्क्वायर गार्डन न्यूयॉर्क का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थल है। ऐसे स्थान पर RSS प्रमुख का कार्यक्रम भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ-साथ अमेरिकी सार्वजनिक विमर्श में भी ध्यान आकर्षित कर सकता है। मोहन भागवत के समर्थक इसे भारतीय संस्कृति, समुदाय और संगठन के विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मान रहे हैं। 

दूसरी ओर, आलोचक RSS की विचारधारा और उसके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। यही वजह है कि कार्यक्रम को लेकर समर्थन और विरोध दोनों ने इसे सामान्य सामुदायिक आयोजन से अधिक व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है।

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