स्पेन के सेउटा में बड़े पैमाने पर प्रवासियों के पहुंचने के बाद तनाव बढ़ गया है। विरोध प्रदर्शनों के दौरान वाहनों में आग, पुलिस से झड़प और प्रवासियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आईं। सरकार ने शांति बनाए रखने की अपील की।
सेउटा: उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के स्वायत्त शहर सेउटा में बड़े पैमाने पर प्रवासियों के पहुंचने के लगभग एक महीने बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रवासी संकट के बीच स्थानीय लोगों और विदेशी नागरिकों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हुए हैं और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन, स्पेन की केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच इस संकट से निपटने के तरीके को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं। शहर के कई निवासियों ने सुरक्षा, सार्वजनिक सेवाओं पर बढ़ते दबाव और प्रवासियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई है।
जुलाई के अंत में बड़े पैमाने पर पहुंचे प्रवासी
सेउटा में 30 और 31 जुलाई को मोरक्को की ओर से बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने की घटना ने पूरे स्पेन में ध्यान खींचा था। सेउटा के मेयर के आंकड़ों के अनुसार, करीब 72,000 लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की थी। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिन्होंने सीमा बाड़ के आसपास समुद्र के रास्ते शहर में प्रवेश किया।
मेयर के अनुसार, इस बड़े पैमाने पर हुए सीमा पार अभियान के दौरान कम से कम 100 लोगों की मौत भी हुई। हालांकि, अधिकांश लोग कुछ ही घंटों के भीतर मोरक्को लौट गए। इसके बावजूद कई हजार प्रवासी सेउटा में रह गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की बताई गई है।
इनमें से कई लोगों को समुद्र तटों और सड़कों पर खुले में रात गुजारनी पड़ रही है। इससे स्थानीय प्रशासन पर आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद बढ़ी हिंसा
प्रवासियों के खिलाफ इस महीने की शुरुआत में हुए प्रदर्शन अधिकांशतः शांतिपूर्ण रहे थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों में स्थिति बदल गई। प्रदर्शनकारियों और प्रवासियों के बीच तनाव बढ़ने के साथ पुलिस को कई जगह हस्तक्षेप करना पड़ा।
गुरुवार को कई दर्जन स्थानीय लोगों ने रेड क्रॉस के कर्मचारियों को प्रवासियों के लिए भोजन और पानी पहुंचाने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद ट्रामपोलिन बीच पर बने प्रवासी शिविरों में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आईं।
इसी दौरान पुलिस और भीड़ के बीच झड़प भी हुई। घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी क्योंकि जिस इलाके में प्रवासी रह रहे हैं, वहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग खुले में रह रहे हैं।
सैन्य वाहन पर पथराव के आरोप में 12 प्रवासी गिरफ्तार
हिंसक घटनाओं से कुछ घंटे पहले पुलिस ने 12 प्रवासियों को गिरफ्तार किया था। उन पर एक सैन्य वाहन पर पत्थर फेंकने, उसकी खिड़कियां तोड़ने और वाहन में मौजूद चार लोगों को घायल करने का आरोप है।
इसी सुबह कुछ स्थानीय समूहों द्वारा प्रवासियों का पीछा किए जाने की खबरें भी सामने आईं। पत्रकारों और वीडियो टीमों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ा।
इन घटनाओं के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है। पुलिस स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
मेयर ने कहा- शहर को सामान्य स्थिति चाहिए
सेउटा के रूढ़िवादी मेयर जुआन जीसस विवास ने शहर की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सेउटा लंबे समय से दबाव में है और उसके निवासियों को सामान्य जीवन जीने का अधिकार है।
मेयर के अनुसार, मौजूदा स्थिति केवल प्रवासी प्रबंधन का मुद्दा नहीं है, बल्कि शहर की सुरक्षा और स्पेन की प्रतिष्ठा से भी जुड़ी हुई है।
हालांकि, केंद्र सरकार ने स्थानीय प्रशासन और विपक्ष पर तनाव को बढ़ाने वाली बयानबाजी करने का आरोप लगाया है।
स्पेन सरकार ने शांति की अपील की
प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज के नेतृत्व वाली समाजवादी सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। सरकार का आरोप है कि विपक्षी पीपुल्स पार्टी और दक्षिणपंथी वॉक्स की बयानबाजी से सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।
स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने संसद की एक समिति के सामने कहा कि हाल के सप्ताहों में अप्रवासियों के प्रति कलंक और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाली बयानबाजी सुनने को मिली है।
उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में राजनीतिक दलों और नेताओं को जिम्मेदारी तथा संयम का परिचय देना चाहिए।
वॉक्स नेता के बयान की भी जांच
इस विवाद में दक्षिणपंथी वॉक्स पार्टी के सांसद जोस मारिया फिगारेडो का नाम भी सामने आया है। प्रवासियों के बड़े पैमाने पर पहुंचने के तुरंत बाद उनके एक कथित बयान को लेकर संभावित घृणा अपराध के तौर पर जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, पीपुल्स पार्टी से सेउटा का प्रतिनिधित्व करने वाले जेवियर सेलाया ने सरकार की प्रवासी नीति की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रवासियों को पीड़ित के तौर पर देख रही है, जबकि सेउटा के निवासी खुद संकट का सामना कर रहे हैं।

इन राजनीतिक आरोपों ने प्रवासी संकट को स्पेन की घरेलू राजनीति का भी प्रमुख मुद्दा बना दिया है।
केंद्र सरकार ने संभाली स्थिति की कमान
प्रवासी संकट को लेकर स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया पर आलोचना होने के बाद केंद्र सरकार ने इस सप्ताह स्थिति के प्रबंधन को अपने नियंत्रण में ले लिया। केंद्र सरकार पर शुरुआत में संकट से निपटने में धीमी प्रतिक्रिया देने के आरोप लगे थे।
रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने सेउटा के उन लोगों से माफी भी मांगी, जिन्हें ऐसा लगा कि संकट के दौरान सरकार ने उन्हें पर्याप्त सहायता या सुरक्षा नहीं दी।
सरकार ने इसके साथ ही देश के आव्रजन कानूनों में बदलाव की योजनाओं की भी घोषणा की है।
प्रवासियों को सार्वजनिक इमारतों में रखने की योजना का विरोध
तनाव का एक प्रमुख कारण प्रवासियों को अस्थायी तौर पर सार्वजनिक इमारतों में स्थानांतरित करने की सरकारी योजना भी है। सरकार का उद्देश्य प्रवासियों की कानूनी स्थिति की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और उन लोगों को वापस मोरक्को भेजना है, जिन्हें शरण का अधिकार नहीं मिलता।
लेकिन सेउटा के कई स्थानीय निवासियों और मेयर विवास ने इस योजना पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रवासियों को खेल केंद्रों या अन्य सार्वजनिक इमारतों में रखने से वे रिहायशी इलाकों के और करीब आ जाएंगे।
सरकार का तर्क है कि खुले में रह रहे लोगों की तुलना में व्यवस्थित आवास और प्रशासनिक प्रक्रिया सभी पक्षों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
प्रवासियों के पहुंचने के पीछे किसका हाथ?
प्रवासी संकट ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ मोरक्को से सेउटा तक कैसे पहुंचे।
दक्षिणपंथी और वामपंथी दोनों राजनीतिक धाराओं के कुछ नेताओं ने मोरक्को पर सीमा को राजनीतिक दबाव के साधन के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। हालांकि, प्रधानमंत्री सांचेज और उनकी सोशलिस्ट पार्टी ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
सरकार का कहना है कि मानव तस्कर इस तरह के बड़े पैमाने पर सीमा पार अभियानों के पीछे हो सकते हैं। स्पेन ने मोरक्को को एक भरोसेमंद साझेदार बताया है और यह भी कहा है कि रबात ने अधिकांश प्रवासियों की तत्काल वापसी में सहयोग किया।
मोरक्को के साथ क्षेत्रीय विवाद भी चर्चा में
सेउटा संकट ने स्पेन और मोरक्को के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद को भी फिर चर्चा में ला दिया है। सेउटा और पड़ोसी स्पेनिश स्वायत्त शहर मेलिला पर मोरक्को लंबे समय से अपना दावा करता रहा है।
मोरक्को की ओर से हाल के सप्ताहों में इन दावों को दोहराए जाने के बाद स्पेन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कहा कि उनका देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता को लेकर किसी तरह की बातचीत स्वीकार नहीं करेगा।
यह विवाद इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि सेउटा और मेलिला यूरोपीय संघ की अफ्रीकी महाद्वीप से लगी प्रमुख सीमाओं में शामिल हैं।
सभी राजनीतिक दलों ने हिंसा की निंदा की
तनाव बढ़ने के बावजूद शुक्रवार को सेउटा की स्थानीय विधानसभा में मौजूद सभी राजनीतिक दलों ने हिंसा की निंदा करने वाली घोषणा पर हस्ताक्षर किए। यह कदम शहर में कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर हजारों प्रवासियों के लिए भोजन, पानी, आवास और कानूनी प्रक्रिया की व्यवस्था करनी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी है।
सेउटा में मौजूदा संकट केवल प्रवासन का मुद्दा नहीं रह गया है। यह अब स्थानीय सुरक्षा, मानवीय सहायता, स्पेन की घरेलू राजनीति और मोरक्को के साथ उसके संबंधों से जुड़ा व्यापक विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार की आव्रजन नीति और प्रवासियों के पुनर्वास की योजना पर स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।









