यूक्रेन के कीव क्षेत्र के बुचा जिले में रूसी ड्रोन हमले के बाद एक गोदाम में आग और कई विस्फोट हुए। अधिकारियों के अनुसार 27 लोगों की मौत और 42 लोग घायल हुए। करीब 400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास शनिवार तड़के रूसी ड्रोन हमले के बाद एक गोदाम में लगी भीषण आग और उसके बाद हुए सिलसिलेवार विस्फोटों में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, घटना में 42 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। हमले के बाद इलाके से करीब 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। घटनास्थल पर बचाव और राहत अभियान जारी रहा।
बुचा जिले में गोदाम को बनाया गया निशाना
यह हमला कीव क्षेत्र के बुचा जिले में हुआ। क्षेत्रीय गवर्नर तिमुर तकाचेंको के अनुसार, रूसी ड्रोन हमले के बाद एक गोदाम में आग लग गई। आग के बाद वहां लगातार विस्फोट होने लगे, जिससे राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद बड़ी संख्या में आपातकालीन कर्मचारियों और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि 300 से अधिक आपातकालीन कर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया था।
हमले के बाद आसमान में उठता धुआं आसपास के इलाकों से भी दिखाई दिया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाया।
27 लोगों की मौत, 42 घायल
क्षेत्रीय प्रशासन के अनुसार, हमले और उसके बाद हुए विस्फोटों में कम से कम 27 लोगों की जान गई। घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं। घायल लोगों को स्थानीय अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया।
बचाव दल ने मलबे और क्षतिग्रस्त हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने आशंका जताई कि घटनास्थल पर कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से राहत और खोज अभियान कई घंटों तक जारी रहा।
प्रशासन ने प्रभावित इलाके में लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
क्या गोदाम में रखा था गोला-बारूद?
घटना के बाद यूक्रेनी अधिकारियों ने इस बात की जांच शुरू कर दी कि क्या गोदाम में गोला-बारूद या अन्य सैन्य सामग्री रखी गई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने संभावित लापरवाही की जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी।
जेलेंस्की ने कहा कि नियम स्पष्ट हैं और गोला-बारूद को घरों या अन्य आवासीय इमारतों के पास नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
इस पहलू की जांच इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शुरुआती हमले के बाद गोदाम में हुए लगातार विस्फोटों ने नुकसान की गंभीरता बढ़ा दी।
रूस ने हमले को बताया गोला-बारूद डिपो पर कार्रवाई
रूस के रक्षा मंत्रालय ने अलग दावा करते हुए कहा कि उसकी सेना ने कीव क्षेत्र के मायला गांव में स्थित एक गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया था। रूसी मंत्रालय के मुताबिक, वहां लंबी दूरी के FP-1 और FP-2 मानवरहित हवाई वाहनों से संबंधित घटक और लॉन्च बूस्टर रखे गए थे।
रूस की ओर से की गई यह जानकारी यूक्रेनी अधिकारियों के उस बयान के बीच सामने आई है जिसमें घटनास्थल पर संभावित गोला-बारूद भंडारण की जांच की बात कही गई है।
हालांकि, हमले की परिस्थितियों और गोदाम में मौजूद सामग्री को लेकर जांच अभी जारी है। इसलिए घटनास्थल से संबंधित सभी दावों को जांच पूरी होने तक संबंधित पक्षों के बयानों के तौर पर देखा जाना जरूरी है।

कीव के अलावा कई क्षेत्रों में हमले
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रातभर यूक्रेन के कई हिस्सों में हमले हुए। इनमें ओडेसा, निप्रोपेत्रोव्स्क, सुमी और जापोरिज्जिया क्षेत्र शामिल हैं।
यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उसने रातभर में रूस की ओर से भेजे गए 233 ड्रोन को मार गिराया या निष्क्रिय किया। यूक्रेन लंबे समय से रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना कर रहा है।
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने और रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से सुरक्षा के लिए यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन की आवश्यकता है।
अलग हमले में 14 वर्षीय बच्चे की मौत
कीव क्षेत्र में हुए मुख्य हमले के अलावा बोरीस्पिल जिले में एक अन्य हमले की भी सूचना मिली। क्षेत्रीय गवर्नर के अनुसार, इस अलग घटना में 14 वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यूक्रेन के नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के दौरान ड्रोन हमलों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते रहे हैं।
रूस के बेलगोरोद और रोस्तोव में भी हमले
इसी बीच रूस के अधिकारियों ने भी अपने क्षेत्रों में यूक्रेनी हमलों की जानकारी दी है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बेलगोरोद और रोस्तोव क्षेत्रों में हुए हमलों में दो लोगों की मौत हुई और 21 लोग घायल हुए।
इससे स्पष्ट है कि हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन के बीच हवाई और ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ी है। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य, औद्योगिक और आर्थिक महत्व वाले ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।
रूसी लॉजिस्टिक्स केंद्र पर भी ड्रोन हमले का दावा
रूस की ऑनलाइन रिटेल कंपनी ओजोन ने दावा किया कि उसके एक लॉजिस्टिक्स केंद्र को रातभर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा। कंपनी के अनुसार, क्षेत्र में खतरे को देखते हुए उसने एक अन्य लॉजिस्टिक्स केंद्र का संचालन भी अस्थायी रूप से रोक दिया और कर्मचारियों को वहां से हटाया।
रूसी अधिकारियों और कंपनियों के अनुसार, इस सप्ताह क्रास्नोडार, दागेस्तान, स्तावरोपोल और अदिगेया क्षेत्रों में भी ड्रोन हमलों से संबंधित घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में नुकसान और कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
यूक्रेन की ओर से रूस के आर्थिक और औद्योगिक ठिकानों पर हमले तेज किए जाने की खबरें भी सामने आती रही हैं। कीव का कहना है कि रूस की सैन्य क्षमता और युद्ध में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाना उसके अभियानों का हिस्सा है।
युद्ध के बीच नागरिक सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
कीव के पास हुई ताजा घटना ने एक बार फिर युद्ध के बीच नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ रूसी हमलों में ड्रोन और अन्य हथियारों का इस्तेमाल जारी है, वहीं यूक्रेन भी रूस के भीतर और कब्जे वाले क्षेत्रों में ड्रोन अभियानों को तेज कर रहा है।
गोदाम में हुए विस्फोटों की वजह, वहां मौजूद सामग्री और हमले से हुए वास्तविक नुकसान की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यूक्रेनी प्रशासन का ध्यान घायलों के उपचार, लापता लोगों की तलाश और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित रखने पर है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन को इस तरह के हमलों से निपटने के लिए अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय सहायता और मजबूत वायु रक्षा की जरूरत है।
कीव क्षेत्र में राहत अभियान के साथ-साथ संभावित सुरक्षा चूक की जांच भी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गोदाम में क्या सामग्री रखी थी, वहां सुरक्षा नियमों का कितना पालन हुआ और रूसी हमले के बाद हुए विस्फोटों ने नुकसान को किस तरह बढ़ाया।









