दिल्ली में नर्सरी, केजी और कक्षा 1 के लिए एडमिशन प्रक्रिया 2 मार्च 2026 से शुरू हो रही है। आवेदन 16 मार्च तक स्कूलों में जमा किए जाएंगे। चयन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होगा। आरक्षण नियमों के अनुसार SC, ST, दिव्यांग और शिक्षा विभाग कर्मचारियों के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित हैं। दाखिले के लिए जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और टीकाकरण आवश्यक है।
Nursery Admission 2026: दिल्ली में शिक्षा विभाग ने नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में दाखिले की प्रक्रिया 2 मार्च 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। आवेदन सिर्फ दिल्ली में रहने वाले बच्चों के लिए होंगे और स्कूल के पास रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन 16 मार्च तक जमा किए जा सकते हैं। चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए पारदर्शी रूप से होगा, और आरक्षण नियमों के तहत SC, ST, दिव्यांग व विभागीय बच्चों के लिए सीटें सुरक्षित रहेंगी। बच्चों की उम्र, दस्तावेज और टीकाकरण अनिवार्य होंगे, ताकि सुरक्षित और समान अवसर सुनिश्चित किया जा सके।
आवेदन प्रक्रिया और लॉटरी
18 मार्च 2026 को स्कूल सभी आवेदनों की सूची लगाएंगे। इसमें गलती होने पर पैरेंट्स सुधार कर सकते हैं। 20 मार्च को लॉटरी (ड्रॉ ऑफ लॉट्स) निकाली जाएगी, जिससे चयन पारदर्शी तरीके से होगा। चयनित बच्चों की अंतिम सूची 23 मार्च को नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी।
24 मार्च से 2 अप्रैल तक दाखिले होंगे, और यदि सीटें खाली रहती हैं, तो वेटिंग लिस्ट 4 से 7 अप्रैल तक सक्रिय रहेगी। यह प्रक्रिया सभी नर्सरी, केजी और कक्षा 1 के छात्रों के लिए समान रूप से लागू होगी।

उम्र, दस्तावेज और आरक्षण
नर्सरी में दाखिला के लिए बच्चे की उम्र 31 मार्च 2026 तक 3 से 4 साल के बीच, केजी के लिए 4 से 5 साल और कक्षा 1 के लिए 5 से 6 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र का प्रमाण जन्म प्रमाण पत्र से होगा।
आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र, बच्चे की फोटो और आरक्षण प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। आरक्षण नियमों के अनुसार, SC के लिए 15%, ST के लिए 7.5%, दिव्यांग बच्चों के लिए 3% और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बच्चों के लिए 2% सीटें आरक्षित हैं।
टीकाकरण और सुरक्षा
एडमिशन के बाद 6 महीने के अंदर बच्चे का टीकाकरण प्रमाण पत्र स्कूल में जमा करना अनिवार्य है। यदि टीके नहीं लगे हैं, तो एडमिशन प्रक्रिया रोक दी जाएगी। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रक्रिया पारदर्शी और समान अवसर प्रदान करने वाली होगी, ताकि सभी योग्य बच्चे बिना किसी बाधा के अच्छे स्कूल में दाखिला पा सकें।











