आईएएस अभिषेक सिंह को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। 1995 बैच के नागालैंड कैडर के इस अधिकारी ने आईआईटी कानपुर से बीटेक-एमटेक और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है। अभिषेक सिंह का प्रशासन, नीति निर्माण और डिजिटल तकनीक में तीन दशकों से अधिक अनुभव है।
NTA DG Appointment: आईएएस अभिषेक सिंह को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का नया महानिदेशक बनाया गया है। 1995 बैच के नागालैंड कैडर के अधिकारी अभिषेक सिंह ने आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक किया है और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है। वह पहले राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) के महानिदेशक रह चुके हैं और तीन दशकों से शासन, प्रशासन और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति एजेंसी की परीक्षा और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से की गई है।
अभिषेक सिंह बने NTA के नए DG
आईएएस अभिषेक सिंह को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। वह 1995 बैच के नागालैंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और पिछले समय में राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। केंद्र सरकार ने हाल ही में बड़े आईएएस फेरबदल के दौरान उन्हें NTA की कमान सौंपी है, जिससे वे देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रशासन और नीति निर्माण में तीन दशक का अनुभव
अभिषेक सिंह तीन दशकों से अधिक समय से सार्वजनिक सेवा में हैं। उन्होंने शासन, प्रशासन और नीति निर्माण के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की है। NIC में रहते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल कौशल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। इसके साथ ही वह भारत एआई मिशन के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते थे।
उनका प्रशासनिक अनुभव व्यापक है। 2017 से 2019 के बीच उन्होंने नागालैंड सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय खाद्य निगम में कार्यकारी निदेशक के रूप में आईटी और इंजीनियरिंग परियोजनाओं का संचालन किया।
शिक्षा और अकादमिक योग्यता
1971 में जन्मे अभिषेक सिंह ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किया है। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने 1994 में UPSC परीक्षा में छठा स्थान प्राप्त किया, जो उनकी अकादमिक दक्षता और प्रशासनिक क्षमता का परिचायक है।











