Nvidia CEO Jensen Huang ने AI की वैश्विक दौड़ में भारत की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने PM Modi को करीब एक दशक पहले AI पर बात करते हुए देखने का जिक्र किया और भारतीय कंपनियों व स्टार्टअप्स को लेकर उत्साह जाहिर किया।
Tech: Nvidia CEO Jensen Huang ने AI के क्षेत्र में भारत की भूमिका को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख IT उद्योगों में शामिल है और AI एक नए IT प्लेटफॉर्म की शुरुआत है। Jensen Huang ने PM Modi का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 10 साल पहले उन्हें AI पर बात करते हुए देखा था।
Jensen Huang ने AI रेस में भारत की क्षमता पर जताया भरोसा
Nvidia CEO Jensen Huang ने AI की वैश्विक दौड़ में भारत की स्थिति को लेकर अपनी राय रखी है। एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने भारत को दुनिया के अग्रणी IT उद्योगों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि AI एक नए IT प्लेटफॉर्म की शुरुआत है और भारत के पास इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं।
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Jensen Huang ने कहा कि वह भारत में स्थानीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को AI तकनीक का इस्तेमाल करते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं। उनके मुताबिक भारतीय कंपनियां इस तकनीक में योगदान देने के साथ-साथ देश में स्थानीय AI इकोनॉमी के निर्माण में भी भूमिका निभा सकती हैं।
PM Modi का जिक्र कर कही बड़ी बात
AI के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का जिक्र करते हुए Nvidia CEO ने कहा कि उन्हें करीब एक दशक पहले PM Modi को AI के बारे में बात करते हुए देखने का अवसर मिला था। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनियाभर में AI की अगली बड़ी दौड़ में अलग-अलग देशों की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है।
जब Jensen Huang से प्रधानमंत्री मोदी के लिए AI को लेकर सलाह मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि AI बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में हर देश को भी तेजी से आगे बढ़ना होगा।
अमेरिका और चीन के बीच AI रेस में भारत की भूमिका
फिलहाल AI की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका और चीन को प्रमुख खिलाड़ी माना जा रहा है। इसी बीच भारत की भूमिका को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत AI का इस्तेमाल करने में आगे बढ़ रहा है, लेकिन रिसर्च और डेवलपमेंट के स्तर पर अभी और काम की जरूरत है।
Jensen Huang के बयान से भारत के लिए AI सेक्टर में मौजूद संभावनाओं पर एक सकारात्मक नजरिया सामने आता है। AI अभी तेजी से विकसित हो रही तकनीक है, ऐसे में भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए रिसर्च, इनोवेशन और स्थानीय जरूरतों के मुताबिक समाधान तैयार करने के अवसर बने हुए हैं।
Sam Pitroda के बयान से अलग दिखा Jensen Huang का रुख
AI को लेकर भारत की स्थिति पर इससे पहले Sam Pitroda के बयान की भी चर्चा हुई थी। उन्होंने भारत की AI स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा था कि देश अब तक AI पर सही नीति नहीं बना सका है और सरकारी स्तर पर भी इसका इस्तेमाल सीमित है।
Pitroda ने यह सुझाव दिया था कि भारत को पश्चिमी देशों की जरूरतों के बजाय अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर AI को अपनाना चाहिए। वहीं, Jensen Huang का बयान भारत में AI के भविष्य को लेकर अधिक सकारात्मक नजरिया पेश करता है।










