वेस्टइंडीज को आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट की कमजोर टीमों में गिना जाता है और इसे उसके घर में हराना भी आसान माना जाता है। लेकिन कई बार यह टीम ऐसा कमाल कर देती है जिसकी दुनिया में कोई उम्मीद नहीं करता।
स्पोर्ट्स न्यूज़: क्राइस्टचर्च में खेला गया न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज का पहला टेस्ट मैच क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक ड्रॉ में दर्ज हो गया। जिस मुकाबले में न्यूजीलैंड की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, वहां वेस्टइंडीज ने जस्टिन ग्रीव्स की असाधारण दोहरी शतकीय पारी के दम पर आखिरी दिन बाजी पलट दी और मैच को ड्रॉ करा लिया। यह ड्रॉ वेस्टइंडीज के लिए किसी जीत से कम नहीं, जबकि न्यूजीलैंड के लिए यह हार जैसी निराशा लेकर आया।
वेस्टइंडीज को टेस्ट क्रिकेट की अपेक्षाकृत कमजोर टीम माना जाता है और खासतौर पर न्यूजीलैंड में उसे हराना मेजबान टीम के लिए आसान समझा जाता है। लेकिन इस बार वेस्टइंडीज ने क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। जस्टिन ग्रीव्स ने जिस तरह मैदान पर संघर्ष किया, उसने सभी पूर्वानुमानों को गलत साबित कर दिया।
531 रनों का असंभव लक्ष्य
न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के सामने 531 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने चार विकेट के नुकसान पर 212 रन बना लिए थे। उस समय जस्टिन ग्रीव्स 55 रन और शै होप 116 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। आखिरी दिन टीम को जीत के लिए 319 रन और बचाव के लिए पूरा दिन निकालना था, जो आसान नहीं था।
पांचवें दिन की शुरुआत में उम्मीदें शै होप से भी थीं, लेकिन वह केवल 28 रन और जोड़कर जैकब डफी का शिकार हो गए। इसके बाद तो अधिकांश क्रिकेट विशेषज्ञों ने मान लिया था कि अब वेस्टइंडीज की हार तय है। विकेटकीपर बल्लेबाज तेविन इमलाच भी सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। स्कोरबोर्ड पर दबाव बढ़ता जा रहा था और न्यूजीलैंड पूरी ताकत से जीत के लिए दबाव बना रहा था।

‘अंगद’ बनकर डटे जस्टिन ग्रीव्स
यहीं से जस्टिन ग्रीव्स ने उस दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया, जिसकी तुलना भारतीय पौराणिक कथा के अंगद से की जाने लगी। जैसे अंगद रावण की सभा में अडिग खड़े रहे थे, वैसे ही ग्रीव्स न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों के सामने चट्टान बनकर खड़े हो गए। उन्होंने पहले अपना शतक पूरा किया, फिर 150 रन के आंकड़े को पार किया और अंततः अपने करियर का पहला दोहरा शतक जड़ दिया।
उनके साथ केमार रोच ने भी जबरदस्त धैर्य का प्रदर्शन किया। रोच को न्यूजीलैंड से कुछ जीवनदान जरूर मिले, लेकिन उन्होंने उन मौकों का पूरा फायदा उठाया और टीम को संकट से बाहर निकाला।
आखिरी सेशन में चरम पर पहुंचा रोमांच
मैच का आखिरी सेशन बेहद तनावपूर्ण रहा। न्यूजीलैंड ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन कोई भी गेंदबाज ग्रीव्स और रोच की जोड़ी को तोड़ नहीं सका। अंततः जब खेल खत्म हुआ, तब वेस्टइंडीज ने 6 विकेट पर 457 रन बनाकर मैच ड्रॉ करा लिया।
जस्टिन ग्रीव्स 202 रन बनाकर नाबाद लौटे। उन्होंने इस पारी में 388 गेंदों का सामना किया और 19 चौके लगाए। उन्होंने लगभग नौ घंटे तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को थका दिया। वहीं, केमार रोच ने 233 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से नाबाद 58 रन बनाए। उनकी यह साझेदारी इस टेस्ट की निर्णायक कड़ी साबित हुई।
न्यूजीलैंड की टीम पहली पारी में 231 रन पर सिमट गई थी, जबकि वेस्टइंडीज ने भी पहली पारी में 167 रन ही बनाए। दूसरी पारी में न्यूजीलैंड ने 64 रन की बढ़त के साथ बल्लेबाजी की और 8 विकेट पर 466 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। इसी आधार पर वेस्टइंडीज को 531 रनों का लक्ष्य मिला। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने आखिरी तक संघर्ष किया और ग्रीव्स के ऐतिहासिक दोहरे शतक के दम पर टेस्ट ड्रॉ करा दिया। उन्हें इस असाधारण प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।










