भारत की रक्षा ताकत को बड़ी मजबूती: HAL को मिला पांचवां F404-IN20 इंजन

भारत की रक्षा ताकत को और मजबूती मिली है। HAL को पांचवां F404-IN20 इंजन सौंपा गया है, जिससे तेजस लड़ाकू विमान कार्यक्रम को नई गति मिलेगी। जानिए इस उपलब्धि का

अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना एलसीए मार्क-1ए के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को शुक्रवार को पांचवां F404-IN20 जेट इंजन सौंप दिया। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, यह इंजन वर्ष 2021 में मिले ऑर्डर के तहत HAL को दिया गया है।

नई दिल्ली: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम को एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि मिली है। अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी GE Aerospace ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को F404-IN20 जेट इंजन की पांचवीं यूनिट सौंप दी है। यह इंजन स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk-1A को शक्ति प्रदान करेगा। इस डिलीवरी से भारत की वायु रक्षा क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

GE Aerospace के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि यह इंजन 2021 में दिए गए ऑर्डर का हिस्सा है। कंपनी और HAL, दोनों ही तेजस Mk-1A की उत्पादन समय-सीमा को बनाए रखने के लिए लगातार तकनीकी और लॉजिस्टिक स्तर पर समन्वय कर रहे हैं।

F404-IN20 इंजन: तेजस Mk-1A की रीढ़

F404-IN20 इंजन अत्याधुनिक तकनीक से लैस एक भरोसेमंद और शक्तिशाली टर्बोफैन इंजन है, जिसे विशेष रूप से भारत के तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान के लिए अनुकूलित किया गया है। इससे पहले इसी ऑर्डर के तहत चौथा इंजन अक्टूबर 2025 में HAL को सौंपा जा चुका था।  HAL ने GE Aerospace के साथ कुल 113 F404-IN20 इंजनों की खरीद का बड़ा समझौता किया है। 

इन इंजनों का उपयोग 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों के निर्माण में किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय के साथ हुआ बड़ा अनुबंध

HAL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से जानकारी दी कि यह अहम समझौता 7 नवंबर 2025 को किया गया था। अनुबंध के अनुसार, सभी इंजनों की आपूर्ति 2027 से 2032 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इससे पहले सितंबर 2025 में भारत के रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 97 तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए एक ऐतिहासिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। यह सौदा भारतीय सैन्य विमानन इतिहास के सबसे बड़े स्वदेशी एअरक्राफ्ट प्रोग्रामों में गिना जा रहा है।

भारत सरकार और HAL तेजस कार्यक्रम को समय पर पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में अक्टूबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने HAL की नासिक इकाई में:

  • तेजस Mk-1A की तीसरी उत्पादन लाइन, और
  • HTT-40 ट्रेनर विमान की दूसरी उत्पादन लाइन

का उद्घाटन किया था। इन नई उत्पादन लाइनों से आने वाले वर्षों में तेजस विमानों की डिलीवरी की गति तेज होने की उम्मीद है।

पुणे संयंत्र में GE Aerospace का बड़ा निवेश

GE Aerospace ने भारत में अपनी उपस्थिति और मजबूत करते हुए हाल ही में अपने पुणे संयंत्र के विस्तार के लिए 14 मिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश पिछले वर्ष किए गए 30 मिलियन डॉलर के निवेश के बाद दूसरी बड़ी पूंजी वृद्धि है। इस निवेश का उद्देश्य:

  • उत्पादन क्षमता में वृद्धि
  • अत्याधुनिक स्वचालन तकनीक का उपयोग
  • उन्नत इंजन घटकों का स्थानीय निर्माण
  • सप्लाई चेन को और मजबूत करना

बताया जा रहा है कि इस विस्तार से भारत में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे। F404 इंजन की डिलीवरी भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग की एक अहम कड़ी मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और लॉजिस्टिक सपोर्ट को लेकर संबंध काफी मजबूत हुए हैं। GE Aerospace और HAL की साझेदारी इसी सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण है।

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