ओडिशा के कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा वार्ड में भीषण आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई। कई मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच और सहायता की घोषणा की।
Bhubaneshwar: ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग में लगी इस आग के कारण 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों को गंभीर हालत में दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
देर रात अचानक लगी आग से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब अस्पताल के ट्रॉमा केयर वार्ड में मरीज भर्ती थे और अधिकतर लोग सो रहे थे। अचानक आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरे वार्ड में धुआं फैल गया। धुएं और आग के कारण मरीजों और उनके परिजनों में घबराहट फैल गई।

अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश शुरू की। हालांकि कई मरीज गंभीर हालत में थे, इसलिए उन्हें शिफ्ट करना आसान नहीं था। इसी दौरान कुछ मरीजों की हालत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई।
23 मरीज भर्ती थे, 10 की मौत की पुष्टि
ट्रॉमा केयर सेंटर में कुल 23 मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद सभी मरीजों को दूसरे वार्ड और आईसीयू में शिफ्ट करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने खुद अस्पताल पहुंचकर पुष्टि की कि इस हादसे में 10 मरीजों की मौत हो चुकी है।
अन्य मरीजों को अस्पताल के न्यू मेडिसिन आईसीयू और अन्य सुरक्षित वार्डों में स्थानांतरित कर दिया गया है। कई मरीजों का इलाज अभी भी जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
आग बुझाने के लिए कई दमकल गाड़ियां पहुंचीं
आग लगने की सूचना मिलते ही अस्पताल की आंतरिक फायर यूनिट तुरंत सक्रिय हो गई। इसके बाद शहर से तीन दमकल गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया।
दमकल कर्मियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि आग और धुएं के कारण वार्ड में काफी नुकसान हुआ। राहत और बचाव अभियान के दौरान अस्पताल प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार काम करती रहीं।
मृतकों की पहचान
इस दर्दनाक हादसे में जिन 10 मरीजों की मौत हुई है, उनकी पहचान इस प्रकार बताई जा रही है।

- रमेश चंद्र परिडा
- दासरू मुंडा
- एमडी नयूम
- गौरांग चंद्र बारिक
- सेख अब्दुल सतर
- मधुसूदन दलाई
- कृष्ण चंद्र बिस्वाल
- रविंद्र दास
- चेरू परिडा
- मेनका राउत
मृतकों के परिजनों में इस घटना के बाद गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। अस्पताल परिसर में कई परिवार अपने प्रियजनों को खोने के बाद रोते-बिलखते नजर आए।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अस्पताल के वार्ड में आग कैसे लगी। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण आग लगने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि प्रशासन ने साफ कहा है कि घटना की जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा। अगर जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का अस्पताल दौरा
घटना की जानकारी मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सुबह कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्य को तेज करने के निर्देश दिए।
मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले मरीजों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
घटना की न्यायिक जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने इस हादसे की न्यायिक जांच कराने के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग कैसे लगी और क्या इसमें किसी की लापरवाही शामिल थी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन या किसी अन्य अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









