ओडिशा में अवैध शराब के खिलाफ बड़ा अभियान, 2,220 लीटर देशी शराब और 22,480 लीटर किण्वित वॉश नष्ट

कटक जिले मे आबकारी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई मे 2,220 लीटर अवैध देशी शराब और 22,480 लीटर किण्वित वॉश नष्ट किया गया। मामले दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी।

ओडिशा के कटक जिले में आबकारी और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर 2,220 लीटर अवैध देशी शराब और 22,480 लीटर किण्वित वॉश नष्ट किया। पांच मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि आरोपी जंगल से फरार हो गए और उनकी तलाश जारी है।

कटक: ओडिशा सरकार ने राज्य में अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती बढ़ाते हुए कटक जिले के संरक्षित वन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया। आबकारी विभाग और वन विभाग की टीमों ने खुन्टुनी (Khuntuni) वन क्षेत्र में संचालित अवैध शराब निर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने 2,220 लीटर अवैध रूप से तैयार की गई देशी शराब जब्त कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लगभग 22,480 लीटर किण्वित वॉश (Fermented Wash) को भी नष्ट किया गया, जिससे अवैध शराब नेटवर्क को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया सूचना मिलने के बाद की गई। लंबे समय से यह आशंका जताई जा रही थी कि कटक जिले के घने वन क्षेत्रों में अस्थायी भट्टियां बनाकर बड़े पैमाने पर अवैध देशी शराब तैयार की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर संयुक्त टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

कई स्थानों पर एक साथ हुई कार्रवाई

आबकारी विभाग की टीमों ने दलुआ, कंसारा, बौशीटंगोरा, सरस्वतीपुर और आसपास के अन्य वन क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाया। ये सभी इलाके घने जंगलों से घिरे हुए हैं, जहां अवैध शराब बनाने वाले लोग अस्थायी डिस्टिलेशन यूनिट बनाकर लंबे समय से गतिविधियां चला रहे थे।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों को जंगल के भीतर छिपाकर रखी गई कई अवैध भट्टियां मिलीं। इन इकाइयों से तैयार देशी शराब के अलावा बड़ी मात्रा में किण्वित वॉश भी बरामद हुआ, जो शराब बनाने का प्रमुख कच्चा माल होता है। अधिकारियों ने मौके पर ही सभी अवैध इकाइयों को ध्वस्त कर दिया ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल न किया जा सके।

22 हजार लीटर से अधिक वॉश नष्ट

कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा लगभग 22,480 लीटर किण्वित वॉश का नष्ट किया जाना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में वॉश से हजारों लीटर अवैध शराब तैयार की जा सकती थी। अधिकारियों का कहना है कि इस कच्चे माल को नष्ट कर देने से अवैध शराब तस्करों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनके पूरे नेटवर्क पर असर पड़ेगा।

आबकारी विभाग का मानना है कि केवल तैयार शराब जब्त करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उत्पादन प्रक्रिया को भी समाप्त करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सभी उपकरण और कच्चे माल को भी नष्ट किया गया।

आरोपी मौके से फरार

हालांकि संयुक्त टीमों ने अवैध शराब निर्माण केंद्रों को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की, लेकिन छापेमारी की सूचना मिलते ही वहां मौजूद लोग जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मामले में आबकारी विभाग ने पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। जांच के दौरान स्थानीय नेटवर्क, आपूर्ति श्रृंखला और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

अवैध शराब पर सरकार की सख्त नीति

ओडिशा सरकार पिछले कुछ वर्षों से अवैध शराब के कारोबार पर लगातार सख्ती कर रही है। राज्य के कई जिलों में समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें आबकारी विभाग, पुलिस और वन विभाग मिलकर कार्रवाई करते हैं।

सरकार का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का ही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का भी गंभीर मुद्दा है। बिना किसी गुणवत्ता नियंत्रण के तैयार की जाने वाली देशी शराब कई बार जहरीली साबित होती है और इससे लोगों की जान तक जा सकती है।

वन क्षेत्रों का दुरुपयोग बना चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि घने जंगल और दुर्गम इलाके अवैध शराब बनाने वालों के लिए सुरक्षित ठिकाने बन जाते हैं। यहां पहुंचना कठिन होने के कारण लंबे समय तक ऐसी गतिविधियां बिना रोक-टोक चलती रहती हैं।

इसी वजह से आबकारी विभाग अब वन विभाग के साथ मिलकर नियमित संयुक्त अभियान चला रहा है ताकि जंगलों में चल रही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

स्थानीय प्रशासन की अपील

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण या तस्करी की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी जाए। नागरिकों की सूचना के आधार पर कई मामलों में बड़ी कार्रवाई संभव हुई है।

प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करना कठिन है। इसलिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि लोग अवैध शराब के दुष्प्रभाव और कानूनी परिणामों को समझ सकें।

राज्यभर में जारी रहेगा अभियान

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल कटक तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य के अन्य संवेदनशील जिलों में भी इसी प्रकार की संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। जिन इलाकों में अवैध शराब निर्माण की आशंका है, वहां लगातार निगरानी रखी जा रही है।

विभाग का कहना है कि शराब माफिया के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए खुफिया जानकारी, तकनीकी निगरानी और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई जारी रहेगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके।

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