Odisha Politics: BJD को लगा बड़ा झटका, पूर्व सांसद देबाशीष सामंतराय BJP में हुए शामिल

ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीजेडी को झटका देते हुए पूर्व सांसद देबाशीष सामंतराय बीजेपी में शामिल हो गए हैं, जिससे सियासी समीकरण बदलने की

Odisha की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां पूर्व राज्यसभा सांसद Debashish Samantaray ने आज Bharatiya Janata Party की सदस्यता ग्रहण कर ली।

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक बार फिर दल-बदल का दौर तेज हो गया है। इस बार चर्चा में हैं ओडिशा के पूर्व राज्यसभा सांसद Debashish Samantaray, जिन्होंने बीजू जनता दल (BJD) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस कदम को ओडिशा की राजनीति के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरणों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा की ओर से पहले ही संकेत दिए गए थे कि दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक “प्रमुख राजनीतिक हस्ती” को शामिल किया जाएगा, जिसके बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं।

बीजद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सामंतराय

देबाशीष सामंतराय ने आधिकारिक रूप से बीजू जनता दल से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। इससे पहले उन्होंने राज्यसभा से भी अपना पद छोड़ दिया था। उनके इस फैसले ने ओडिशा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सामंतराय ने अपने बयान में कहा कि वे लंबे समय से पार्टी के भीतर उपेक्षा और अनदेखी का सामना कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बार वरिष्ठ नेताओं तक उनकी पहुंच सीमित कर दी गई थी, जिससे वे असंतुष्ट थे।

Biju Janata Dal ने सामंतराय के इस्तीफे को “स्वार्थ आधारित निर्णय” करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित है, न कि किसी वैचारिक मतभेद से। पार्टी के अनुसार, ऐसे निर्णय संगठनात्मक अनुशासन और राजनीतिक स्थिरता के खिलाफ हैं।

भाजपा का संकेत और अनिल बलूनी का बयान

इस घटनाक्रम से पहले भाजपा प्रवक्ता और सांसद Anil Baluni ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया था कि पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण नेता को शामिल किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद ही राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा शुरू हो गई थी, जिसमें ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के नेताओं को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

ओडिशा से बंगाल तक राजनीतिक हलचल

इस राजनीतिक घटनाक्रम ने सिर्फ ओडिशा ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। खासकर यह चर्चा तेज हो गई कि आने वाले समय में और भी बड़े राजनीतिक चेहरे अपनी पार्टियों को छोड़कर नई राजनीतिक दिशा अपना सकते हैं। पश्चिम बंगाल में कई राजनीतिक समीकरण पहले से ही अस्थिर माने जा रहे हैं, और ऐसे में यह बदलाव भविष्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

इसी बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी एक और नाम चर्चा में है—Kakoli Ghosh Dastidar। हाल ही में उन्हें पार्टी संगठन में बदलाव के बाद कुछ जिम्मेदारियों से हटाया गया था, जिसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक उन्होंने किसी भी दल बदल को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता Kalyan Banerjee द्वारा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी। उनके बयान को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर असंतोष और आंतरिक मतभेद सामने आ रहे हैं।

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