ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, सपा ने समर्थन का किया ऐलान

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी तेज हो गई है। रामगोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष लाया तो समाजवादी पार्टी उसका समर्थन करेगी।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दलों में मंथन तेज है। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने साफ कहा कि प्रस्ताव आया तो पार्टी उसका समर्थन करेगी।

New Delhi: लोकसभा का बजट सत्र इस बार भी लगातार हंगामे और राजनीतिक टकराव की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी इतनी बढ़ गई है कि अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

इस सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी का रुख क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी थीं। अब इस सवाल पर सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने खुलकर अपनी बात रख दी है।

अविश्वास प्रस्ताव पर सपा का साफ रुख

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि अगर विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं, तो सपा उसका समर्थन करेगी।

रामगोपाल यादव ने कहा कि संसद में लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन होना चाहिए। अगर विपक्ष यह महसूस करता है कि स्पीकर का व्यवहार निष्पक्ष नहीं है और सदन को एकतरफा तरीके से चलाया जा रहा है, तो अविश्वास प्रस्ताव लाना उनका अधिकार है। ऐसे में समाजवादी पार्टी विपक्ष के साथ खड़ी रहेगी।

संसद में लगातार बढ़ता गतिरोध

लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दे रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, तब तक कांग्रेस सांसद सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने नहीं देंगे। इसी वजह से लगातार कार्यवाही बाधित हो रही है।

कांग्रेस के भीतर भी रणनीति पर मंथन

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है, लेकिन यह एक अंतिम विकल्प होता है।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि ऐसी स्थिति पैदा ही न हो। अगर हालात संभल जाते हैं और सदन को लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाता है, तो अविश्वास प्रस्ताव की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन अगर मजबूरी बनी, तो कांग्रेस इस कदम से पीछे नहीं हटेगी और इसकी जानकारी सबसे पहले मीडिया को दी जाएगी।

भाजपा सांसदों के पत्र पर कांग्रेस का पलटवार

हाल ही में भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पत्र को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि अब तो गांव और शहरों के बच्चे भी हंस रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री 56 इंच के सीने की बात करते हैं, लेकिन तीन महिला सांसदों के वेल में आने से घबरा गए।

उन्होंने यह भी कहा कि डर महिलाओं से नहीं था, बल्कि ‘Trump Papa’ से था और भारत-अमेरिका डील को लेकर पूरी तरह समर्पण कर दिया गया है।

ओम बिरला के व्यवहार पर उठे सवाल

कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ओम बिरला विपक्ष के साथ व्यवहार कर रहे हैं, वह लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है।

सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि स्पीकर का पद निष्पक्षता का प्रतीक होता है। लेकिन लगातार ऐसा महसूस हो रहा है कि विपक्ष के सांसदों को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। यह सौतेला व्यवहार लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

लोकतंत्र की प्रतिष्ठा पर बहस

विपक्षी दलों का कहना है कि अगर सदन की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति ही पक्षपात करेगा, तो संसद कैसे चलेगी। लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की भूमिका अहम होती है।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि सदन में उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और यही वजह है कि अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जैसे कदम पर विचार करना पड़ रहा है।

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