Anthropic के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने एक पॉडकास्ट में OpenAI और Anthropic में चीनी जासूस होने की 90% संभावना जताई। न्यूयॉर्क की सुनवाई में उन्होंने AI कंपनियों की सुरक्षा और मानव निगरानी को लेकर भी चिंता जताई।
Tech: Anthropic के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने OpenAI और Anthropic की AI सुरक्षा को लेकर गंभीर दावे किए हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने इन कंपनियों में चीनी जासूस मौजूद होने की संभावना 90% बताई। वहीं, न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल की एक सुनवाई में कॉक्सन ने कहा कि AI कंपनियां तकनीक की तेज रफ्तार के बीच पर्याप्त सावधानी नहीं बरत रही हैं और इंसानी निगरानी भी कमजोर पड़ रही है।
AI कंपनियों की सुरक्षा पर जैकब कॉक्सन ने जताई चिंता
Anthropic के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने AI तकनीक के तेजी से विकास और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन की पहल पर आयोजित एक सुनवाई में उन्होंने कहा कि AI कंपनियां व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में बेहद तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन इस दौरान सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जा रही।

कॉक्सन के मुताबिक, AI मॉडल के व्यवहार को वैज्ञानिक भी पूरी तरह नहीं समझ पा रहे हैं। उनका कहना है कि तकनीक के संभावित प्रभाव सामान्य प्रोडक्ट से कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अब बड़ी मात्रा में सॉफ्टवेयर कोड मशीनों की मदद से तैयार हो रहा है और इंसानों पर उसे बिना गहराई से जांचे मंजूर करने का दबाव बढ़ रहा है।
OpenAI और Anthropic में चीनी जासूस होने का दावा
कॉक्सन ने एक पॉडकास्ट में OpenAI और Anthropic की सुरक्षा को लेकर अलग से दावा किया। उन्होंने संभावना जताई कि इन दोनों अमेरिकी AI कंपनियों के भीतर चीनी जासूस पहले से मौजूद हो सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि इस संभावना को लेकर उन्हें कितना भरोसा है, तो उन्होंने इसे 90% बताया। कॉक्सन का मानना है कि अगर ऐसा है तो चीन किसी भी समय अमेरिकी AI कंपनियों को हैक कर उनकी तकनीक चुराने की कोशिश कर सकता है।
हालांकि, चीनी जासूसों के कंपनियों में मौजूद होने का यह दावा कॉक्सन की ओर से व्यक्त की गई संभावना है। इसे किसी स्थापित तथ्य या स्वतंत्र रूप से पुष्ट निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
कॉक्सन के अनुसार, तकनीकी जानकारी या AI मॉडल से जुड़ी संवेदनशील क्षमता के चोरी होने की स्थिति में अमेरिका के लिए AI क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
AI के इंसानी कंट्रोल से बाहर जाने की भी चिंता
सुनवाई में AI के संभावित भविष्य को लेकर अन्य पूर्व वैज्ञानिकों ने भी अपनी चिंताएं रखीं। Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर एलेक्स टर्नर ने अनुमान जताया कि एडवांस AI सिस्टम भविष्य में इंसानों के सीधे नियंत्रण से बाहर जाकर एक-दूसरे के साथ स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं। उन्होंने इसकी संभावना करीब एक-तिहाई बताई।
सुनवाई में AI सिस्टम की खुद को बेहतर बनाने की क्षमता को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे AI सिस्टम अधिक सक्षम होते जा रहे हैं, उनके विकास और इस्तेमाल पर पर्याप्त मानव निगरानी बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
AI की ताकत कुछ कंपनियों तक सीमित होने पर सवाल
OpenAI के पूर्व वैज्ञानिक डैनियल कोकोटाजलो ने AI की ताकत के केंद्रीकरण को लेकर अलग चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां AI पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल भी रहती हैं, तब भी इतनी शक्तिशाली तकनीक का कुछ ही कंपनियों के हाथों में केंद्रित होना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक खतरा हो सकता है।
इस तरह न्यूयॉर्क की सुनवाई में AI के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई। इनमें तकनीक की सुरक्षा, मानव निगरानी, AI सिस्टम की स्वायत्तता और अत्यधिक शक्ति के कुछ कंपनियों के हाथों में केंद्रित होने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
जैकब कॉक्सन इससे पहले भी AI के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनियां दे चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने यह तक दावा किया है कि 2030 तक AI मानवता के लिए बेहद गंभीर खतरा बन सकता है। हालांकि, ऐसे अनुमान और दावे विशेषज्ञों के बीच बहस का विषय हैं और इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं देखा जा सकता।











