इस्लामाबाद आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बिना सबूत बयान दिया। भारत ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा विफलताओं पर सवाल उठाए।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की है। शनिवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि भारत उनके देश में उग्रवादी संगठनों की मदद कर रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान खुद एक बड़े आत्मघाती हमले से जूझ रहा है। खास बात यह रही कि गृह मंत्री ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया, जिससे इन आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस्लामाबाद ब्लास्ट के बाद बढ़ा सियासी तनाव
इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती विस्फोट के बाद पाकिस्तान की सियासत में उबाल आ गया है। इस हमले में कम से कम 36 लोगों की मौत हुई है और 160 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पाकिस्तान सरकार पर देश के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी दबाव बन गया है। ऐसे हालात में पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं द्वारा भारत पर आरोप लगाए जाने को कई विश्लेषक ध्यान भटकाने की कोशिश मान रहे हैं।
गृह मंत्री मोहसिन नकवी का बयान
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके देश में सक्रिय उग्रवादी संगठनों को बाहर से समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दाएश यानी ISIS और तालिबान जैसे संगठनों के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन इनके पीछे किसी बड़े फंडिंग नेटवर्क का हाथ है।

इसी दौरान उन्होंने भारत की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों को भारत से वित्तीय मदद मिल रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार नहीं किया कि उनके पास इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण है।
भारत ने आरोपों को बताया निराधार
भारत ने पाकिस्तान के इन आरोपों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि भारत का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान बार-बार अपनी घरेलू समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए भारत को दोषी ठहराने की नीति अपनाता रहा है। मंत्रालय के अनुसार ये आरोप न केवल निराधार हैं बल्कि पूरी तरह निरर्थक भी हैं।
विदेश मंत्रालय का सख्त रुख
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक और सुरक्षा ढांचे को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाने में लगा हुआ है। बयान में कहा गया कि आतंकवाद पाकिस्तान की आंतरिक समस्या है और इसके लिए किसी दूसरे देश को जिम्मेदार ठहराना सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे हर आरोप को सिरे से खारिज करता है।
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का भी दावा
इस मामले में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी बिना कोई सबूत पेश किए यह आरोप लगाया कि इस आत्मघाती हमले में भारत और अफगानिस्तान की भूमिका हो सकती है। ख्वाजा आसिफ के इस बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया। भारत की ओर से इस पर भी साफ प्रतिक्रिया दी गई और कहा गया कि ऐसे बयान केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने का काम करते हैं।









