पाकिस्तान में LPG संकट गहराया है। देश के पास सिर्फ 9-10 दिन का स्टॉक बचा है। गैस और बिजली कटौती से उद्योग और घरेलू उपयोग प्रभावित हो रहे हैं। मिडिल ईस्ट से सप्लाई बाधित होने के कारण संकट और बढ़ सकता है।
बिज़नेस न्यूज़: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालिया मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सप्लाई चेन में व्यवधान के कारण पाकिस्तान का LPG (Liquified Petroleum Gas) भंडार तेजी से घट रहा है और देश के पास सिर्फ 9-10 दिन का स्टॉक बचा है। यह संकट घरेलू और औद्योगिक दोनों स्तर पर प्रभाव डाल रहा है और बिजली व गैस की कमी का डर पैदा कर रहा है।
पाकिस्तान के मौजूदा ऊर्जा स्टॉक
पाकिस्तान में ऊर्जा का भंडार तेजी से घट रहा है। मौजूदा स्थिति के अनुसार, देश के पास केवल 9-10 दिन का LPG स्टॉक बचा है। इसके अलावा क्रूड ऑयल का लगभग 11 दिन का स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल का स्टॉक 27 दिन और डीजल का स्टॉक 21 दिन के लिए है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि अगर सप्लाई में और बाधा आती है तो आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
संकट की मुख्य वजहें
पाकिस्तान अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का लगभग 70 प्रतिशत मिडिल ईस्ट से आयात करता है। हाल ही में, कतर से LNG की सप्लाई बाधित हुई है, जिससे घरेलू ऊर्जा और बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है। लाहौर, कराची जैसे औद्योगिक शहरों में पहले ही गैस की सप्लाई कम कर दी गई है, जिससे टैक्सटाइल और अन्य फैक्ट्रियों का कामकाज प्रभावित हुआ है।
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पाकिस्तान में बिजली का बड़ा हिस्सा LNG से चलने वाले पावर प्लांट्स से आता है। गैस की कमी के कारण इन पावर प्लांट्स में उत्पादन घट रहा है और बिजली की कटौती 10-12 घंटे तक हो सकती है। अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान को स्पॉट मार्केट से ऊंची कीमत पर गैस खरीदनी पड़ रही है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है।
पाकिस्तान की आने वाली चुनौतियां
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के लिए आने वाले 10-15 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। शहबाज शरीफ की सरकार को ऊर्जा आपातकाल से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। इनमें बिजली की भारी कटौती, औद्योगिक सेक्टर में सीमित गैस सप्लाई और घरेलू उपयोग में रोटेशनल गैस आपूर्ति जैसी रणनीतियाँ शामिल हो सकती हैं।
सप्लाई की बाधा
ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद पाकिस्तान ने यूरोप, ओमान, अमेरिका, अजरबैजान और अफ्रीका के सप्लायर्स से अन्य LNG कार्गो प्राप्त करने की कोशिश की। हालांकि, इन ऑफरों की कीमतें बहुत अधिक थीं और देश को ऊंची लागत पर गैस खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस स्थिति ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा भंडार पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
पाकिस्तान में उद्योग और घरेलू उपयोग दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लाहौर और कराची जैसे शहरों में फैक्ट्रियों में उत्पादन कम हो गया है। बिजली और गैस की कटौती के कारण दैनिक जीवन में भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। लोग घरेलू गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं और बिजली की अस्थिरता से रोजमर्रा की गतिविधियां बाधित हो रही हैं।









