पानीपत की श्रेया गुप्ता का UPSC में शानदार प्रदर्शन, दूसरे प्रयास में 114वीं रैंक

पानीपत की श्रेया गुप्ता का UPSC में शानदार प्रदर्शन, दूसरे प्रयास में 114वीं रैंक

पानीपत की श्रेया गुप्ता ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 114वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता दर्ज की है। दूसरे प्रयास में मिली इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और मजबूत तैयारी रही। उनकी इस कामयाबी से परिवार और शहर में खुशी का माहौल है।

UPSC 2025 Success Story: हरियाणा के पानीपत की श्रेया गुप्ता ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 114वीं रैंक हासिल कर अपने दूसरे प्रयास में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। उन्होंने घर से पढ़ाई और ऑनलाइन कोचिंग की मदद से तैयारी की। पहले प्रयास में प्रीलिम्स से मामूली अंतर से चूकने के बाद उन्होंने नई रणनीति के साथ तैयारी जारी रखी। कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के कारण वे देश के सफल उम्मीदवारों की सूची में जगह बनाने में कामयाब रहीं और परिवार के साथ अपने शहर का नाम भी रोशन किया।

दूसरे प्रयास में मिली बड़ी कामयाबी

श्रेया गुप्ता के लिए यह सफलता आसान नहीं थी। उन्होंने अपने पहले प्रयास में केवल दो अंकों से प्रारंभिक परीक्षा पास करने का मौका खो दिया था। उस समय निराशा जरूर हुई, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी को और मजबूत करने का फैसला किया।

उन्होंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और नई रणनीति के साथ पढ़ाई शुरू की। लगातार मेहनत और बेहतर तैयारी के चलते दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और UPSC CSE 2025 में 114वीं रैंक हासिल कर ली।

स्कूल से कॉलेज तक मजबूत रहा पढ़ाई का रिकॉर्ड

श्रेया की शुरुआती पढ़ाई पानीपत के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से हुई। बचपन से ही वे पढ़ाई में अव्वल रही हैं और बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखती थीं। स्कूल के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरी की।

कॉलेज के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें यूपीएससी की तैयारी करनी है। इसी दौरान उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और धीरे-धीरे हर चरण को समझते हुए अपनी पढ़ाई की रणनीति तैयार की।

घर से तैयारी और रिजल्ट का यादगार पल

श्रेया ने ज्यादातर तैयारी घर पर रहकर की और ऑनलाइन कोचिंग की मदद ली। नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और लगातार अभ्यास उनकी तैयारी की खास रणनीति रही।

रिजल्ट घोषित होने का दिन उनके लिए बेहद भावुक पल लेकर आया। जब उन्होंने रिजल्ट की पीडीएफ में 114वीं रैंक पर अपना नाम देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह पल उनके और उनके परिवार के लिए बेहद खास बन गया।

समाज सेवा को बनाया अपना लक्ष्य

सफलता मिलने के बाद श्रेया ने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य समाज की सेवा करना है। वे महिला सशक्तिकरण, महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काम करना चाहती हैं। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा और विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी योगदान देने की इच्छा रखती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें भारतीय विदेश सेवा में काम करने का मौका मिलता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात होगी।

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